उत्तराखंड

पिथौरागढ़ में ट्रेकिंग के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य..

पिथौरागढ़ में ट्रेकिंग के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य..

सुरक्षा के लिए प्रशासन सख्त..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिले के विभिन्न ट्रेकिंग रूटों पर जाने वाले सभी ट्रेकर्स और पर्वतारोहण दलों के लिए पूर्व रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की गई है। पिथौरागढ़ जिले के मिलम, रालम, सुंदरढूंगा, नामिक, हंसलिंग, दारमा वैली, पंचाचूली बेस कैंप, नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप, नाभीढांग, लिपुलेख पास, स्यालो बेली और ब्योली टॉप जैसे ट्रेकिंग मार्ग देश-विदेश के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि मौसम में अचानक बदलाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों में कई बार दुर्घटनाएं और आपात स्थितियां भी सामने आती रही हैं। प्रशासन का कहना है कि कई मामलों में ट्रेकर्स की पूर्व जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में देरी होती है।

इसी को देखते हुए जिला पर्यटन विभाग ने सभी टूर ऑपरेटरों और ट्रेवल एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब ट्रेकिंग या पर्वतारोहण पर जाने वाले प्रत्येक दल को अपनी पूरी जानकारी प्रशासन के पास पहले से उपलब्ध करानी होगी। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, आयु और आधार संख्या जैसी जानकारी शामिल रहेगी। यह विवरण संबंधित उपजिलाधिकारी, वन विभाग और पर्यटन विभाग को देना अनिवार्य होगा। ट्रेकर्स ई-मेल के माध्यम से भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ती चंद्र आर्य ने कहा कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी आपदा या खराब मौसम की स्थिति में ट्रेकर्स की लोकेशन और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ट्रेकिंग पर जाने वाले पर्यटकों को मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। बिना पूर्व सूचना ट्रेकिंग पर जाने की स्थिति में यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित टूर ऑपरेटर की मानी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।

इधर आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा मार्ग पर भी परिवहन विभाग ने अवैध वाहन संचालन के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर एआरटीओ प्रवर्तन शिवांश कांडपाल के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान दिल्ली नंबर की एक प्राइवेट कार यात्रियों को लेकर आदि कैलाश यात्रा पर जाती मिली। जांच में सामने आया कि वाहन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि उसके पास वैध कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट नहीं था। यात्रियों ने कहा कि उन्होंने टूर ऑपरेटर को 32 हजार रुपये देकर वाहन बुक किया था।

जांच के दौरान चालक ने टीम को जो ड्राइविंग लाइसेंस दिखाया, वह फर्जी निकला और फोटोशॉप के जरिए तैयार किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग ने वाहन को तत्काल सीज कर दिया और वाहन स्वामी व चालक पर विभिन्न धाराओं में 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही एक अन्य वाहन को भी अनियमितताओं के चलते सीज किया गया, जबकि अब तक 19 वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा सीजन के दौरान सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। ट्रेकिंग और धार्मिक यात्राओं में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।

 

 

 

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