उत्तराखंड

उत्तराखंड बनेगा एडवेंचर टूरिज्म कैपिटल, टौंस नदी में होगा इंटरनेशनल वाटर स्पोर्ट्स इवेंट..

उत्तराखंड बनेगा एडवेंचर टूरिज्म कैपिटल, टौंस नदी में होगा इंटरनेशनल वाटर स्पोर्ट्स इवेंट..

 

 

उत्तराखंड: राज्य सरकार राज्य को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रही है। गढ़वाल और कुमाऊं के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के बाद अब जौनसार-बावर क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए टौंस नदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। पर्यटन विभाग ने टौंस नदी में विश्वस्तरीय वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं आयोजित करने की संभावनाओं पर काम शुरू कर दिया है। इस दिशा में विशेषज्ञों की टीम द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण और तकनीकी अध्ययन किया जा रहा है। शुरुआती आकलन में टौंस नदी को अत्यधिक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण एडवेंचर गतिविधियों के लिए उपयुक्त पाया गया है।

टौंस नदी में मिलेगा विश्वस्तरीय रोमांच

यमुना नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी मानी जाने वाली टौंस अपने तेज बहाव और कठिन जलधाराओं के लिए जानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां बनने वाले रैपिड्स अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बेहद चुनौतीपूर्ण हैं और कई स्थानों पर इनकी श्रेणी ग्रेड-4 और ग्रेड-5 से भी ऊपर आंकी गई है। एडवेंचर खेलों से जुड़े जानकारों के अनुसार टौंस नदी का प्रवाह गंगा और यमुना जैसी अन्य प्रमुख नदियों की तुलना में कहीं अधिक उग्र और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है। यही कारण है कि इसे प्रोफेशनल राफ्टर्स, कयाकर्स और एडवेंचर खिलाड़ियों के लिए आदर्श माना जा रहा है। प्रस्तावित आयोजन के तहत राफ्टिंग, कयाकिंग और कैनोइंग जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सकता है। इससे न केवल देश-विदेश के खिलाड़ियों को आकर्षित किया जाएगा, बल्कि जौनसार-बावर क्षेत्र को भी नई पहचान मिलेगी।

राज्य में एडवेंचर पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए दिसंबर माह में एक बड़े सम्मेलन की भी तैयारी की जा रही है। इस आयोजन में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स, ट्रेकिंग विशेषज्ञ, माउंटेनियरिंग संस्थानों के प्रतिनिधि, पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारी और देशभर के विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह सम्मेलन कुमाऊं मंडल में प्रस्तावित है, जहां प्रतिभागियों को उत्तराखंड के विभिन्न पर्यटन और एडवेंचर स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इसके लिए गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों में विशेष टूर कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि विशेषज्ञ प्रदेश में उपलब्ध एडवेंचर गतिविधियों और प्राकृतिक संसाधनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें।

राज्य सरकार का फोकस अब उन क्षेत्रों पर है जो प्राकृतिक रूप से बेहद समृद्ध होने के बावजूद पर्यटन के मुख्य मानचित्र से अभी तक दूर रहे हैं। इसी सोच के तहत सीमांत और कम चर्चित क्षेत्रों में बड़े आयोजनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल के वर्षों में आयोजित अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिताओं ने इस दिशा में सकारात्मक परिणाम दिए हैं। आदि कैलाश और नीति घाटी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों ने इन इलाकों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

पर्यटन विभाग के अनुसार बड़े एडवेंचर आयोजनों का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है। नीति घाटी में आयोजित अल्ट्रा मैराथन इसका उदाहरण बनकर सामने आई है। आयोजन से पहले जहां क्षेत्र में पर्यटकों के ठहरने की सीमित व्यवस्था थी, वहीं आयोजन के दौरान स्थानीय निवासियों ने अपने घरों को होमस्टे में बदलकर बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों के लिए आवास उपलब्ध कराया। इससे स्थानीय युवाओं, महिला समूहों और छोटे व्यवसायों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिले। भोजन, परिवहन, गाइड सेवा और आवास जैसी सुविधाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।

देश के 27 राज्यों से पहुंचे प्रतिभागी..

पिछले एडवेंचर आयोजनों में देशभर से खिलाड़ियों और पर्यटकों ने भागीदारी की। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों के साथ उनके परिवार और समर्थक भी इन क्षेत्रों तक पहुंचे, जिससे पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पर्यटन विभाग का मानना है कि यदि इसी तरह बड़े पैमाने पर एडवेंचर इवेंट आयोजित किए जाते रहे तो उत्तराखंड आने वाले वर्षों में देश की एडवेंचर टूरिज्म राजधानी के रूप में उभर सकता है। सरकार की रणनीति केवल लोकप्रिय पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन अनछुए और रोमांचक इलाकों को भी सामने लाने की है, जहां प्रकृति और साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। टौंस नदी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय वाटर स्पोर्ट्स आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।यदि यह योजना सफल होती है तो जौनसार-बावर क्षेत्र न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हो सकता है।

 

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top