Uttarakhand DIPR
उत्तराखंड

सीमांत अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार, 1 जून से शुरू होगा भारत-तिब्बत व्यापार..

सीमांत अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार, 1 जून से शुरू होगा भारत-तिब्बत व्यापार..

 

 

 

उत्तराखंड: कोरोना महामारी के कारण पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा भारत-तिब्बत व्यापार इस वर्ष एक जून से दोबारा शुरू होने जा रहा है। सीमांत क्षेत्र धारचूला में व्यापारियों के बीच इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। व्यापारी इन दिनों अपने सामान की पैकिंग और जरूरी दस्तावेज तैयार करने में जुट गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापार संचालन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। धारचूला प्रशासन की ओर से व्यापारियों और उनके हेल्परों के लिए लगभग 300 पास की मांग की गई है। एसडीएम धारचूला आशीष जोशी के अनुसार व्यापारियों के आवेदन आने शुरू हो चुके हैं और सभी औपचारिकताओं को समय रहते पूरा किया जा रहा है ताकि व्यापार बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।

जानकारी के अनुसार व्यापारी वाहनों के माध्यम से नाभीढांग और आगे लिपुलेख दर्रे तक पहुंचेंगे। वहां से करीब 800 मीटर पैदल यात्रा के बाद वे चीन सीमा में प्रवेश करेंगे। पूरी यात्रा के दौरान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे और व्यापारियों के साथ मौजूद रहेंगे। चीन सीमा में प्रवेश करने के बाद व्यापारी वाहनों के जरिए तिब्बत की व्यापारिक मंडी तक पहुंचेंगे। इस बार व्यापार को लेकर एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिलेगा। चीन सरकार ने भारतीय व्यापारियों के लिए तिब्बत में अलग से विशेष व्यापारिक मंडी तैयार की है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेंगी।

हालांकि शुरुआती दौर में व्यापारी सीमित मात्रा में ही सामान ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल वे भारत से गुड़, मिश्री, मसाले, छुआरा, मिर्च, चायपत्ती और मिठाइयों जैसी वस्तुएं तिब्बत ले जाएंगे। वहीं तिब्बत से चंवर गाय की पूंछ, ऊनी उत्पाद, रेशम और अन्य पारंपरिक वस्तुएं भारत लाई जाएंगी। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कोरोना काल के बाद व्यापार दोबारा शुरू होने से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा। होटल व्यवसाय, परिवहन, मजदूरी और स्थानीय बाजारों में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। सीमांत गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। बता दे कि कोरोना महामारी से पहले वर्ष 2019 में भारत-तिब्बत व्यापार के लिए कुल 265 पास जारी किए गए थे। महामारी के चलते व्यापार पूरी तरह बंद हो गया था, लेकिन अब एक बार फिर सीमांत क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों के लौटने से लोगों में नई उम्मीद जगी है।

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top