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विजय दिवस- बांग्लादेश मुक्ति संघर्ष की 50वीं वर्षगांठ..

विजय दिवस- बांग्लादेश मुक्ति संघर्ष की 50वीं वर्षगांठ..

 

 

 

बांग्लादेश मुक्ति संघर्ष की आज 50 वीं वर्षगांठ है। इस ऐतिहासिक युद्ध के इतने वर्षों बाद भी छावनी स्थित मार्टियर्स होम में रहने वाले जांबाजों के परिवारीजन उस मंजर को याद कर जब दास्तां सुनाते हैं तो सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

 

देश-विदेश: बांग्लादेश मुक्ति संघर्ष की आज 50 वीं वर्षगांठ है। इस ऐतिहासिक युद्ध के इतने वर्षों बाद भी छावनी स्थित मार्टियर्स होम में रहने वाले जांबाजों के परिवारीजन उस मंजर को याद कर जब दास्तां सुनाते हैं तो सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 1971 के युद्ध में 50 स्वतंत्र पैरा ब्रिगेड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए ढाका में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय सैन्य यूनिट बनीं। इसका नेतृत्व तत्कालीन लेफ्टिनेंट कर्नल केएस पन्नु ने किया।

पूर्वी पाकिस्तान के तंगेल में पैराड्रॉपिंग कर इतिहास बनाया और ढाका में घुसने वाली पहली यूनिट बनी। 11 दिसंबर को यह यूनिट 50 एयरक्राफ्ट के साथ कलाकुन्डा वायु सेना बेस व दमदम हवाई अड्डे से रवाना हुई थी। पहले ही दिन बांग्लादेश के अहम पूंगली ब्रिज व लोहाजंग नदी के घाट पर कब्जा कर लिया था। पाकिस्तानी 93 इंफैन्ट्री ब्रिगेड की ओर से जवाबी कार्रवाई की जा रही थी।

लेकिन भारतीय सेना ने उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। सेना ने 182 दुश्मनों को मार गिराया। इसी क्रम में 16 दिसंबर को सुबह पौने 11 बजे बटालियन ने ढाका में प्रवेश किया। साहसिक एवं वीरतापूर्ण कारनामों के कारण बटालियन को एक महावीर चक्र, पांच वीर चक्र, चार सेना मेडल व चार मेंशन-इन-डिस्पैचेज से नवाजा गया। इसके साथ थिएटर सम्मान-पूर्वी पाकिस्तान 1971 और बैटल सम्मान पूंगली ब्रिज से भी अलंकृत किया जा चुका है।

 

अब मार्टियर्स होम में जारी है संघर्ष..

आपको बता दे कि 1972-73 में राज्य सरकार और सेना के संयुक्त प्रयास से मार्टियर्स होम बसाया गया, जिसमें बांग्लादेश युद्ध में शामिल होने वाले वीरों के 16 परिवारों को बसाया गया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी ने सैनिकों के लिए हजार से 1500 वर्ग फीट के मकान बनवाए। दावा किया गया था कि पांच वर्ष तक एक रुपये प्रतिवर्ष की दर से किराया होगा। इसके बाद मकान उपहार स्वरूप दे दिए जाएंगे। इसके बाद भी वहीं मार्टियर्स होम में बिजली, सड़क, पानी, नाली, सुरक्षा आदि समस्याएं हैं।

 

 

 

 

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