उत्तराखंड

स्वास्थ्य केन्द्र जखोली के निरीक्षण में मिली कईं खामियां

 तीन साल से बंद पड़ी है अल्ट्रासाउंड मशीन
स्वास्थ्य केन्द्र में साफ-सफाई की भी नहीं है व्यवस्था
रुद्रप्रयाग। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जखोली (पीपीपी) का जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जखोली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केन्द्र में कईं खामियां देखने को मिली। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जखोली के लिए अल्ट्रासाउण्ड मशीन वर्ष 2014 में क्रय की गयी थी, लेकिन अभी तक अल्ट्रासाउण्ड मशीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जखोली में स्थापित नहीं की गयी है, जिससे क्षेत्रीय जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

प्रभारी चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जखोली को निर्देशित किया गया कि पांच दिन के भीतर अल्ट्रासाउण्ड मशीन को चालू कर संचालित करना सुनिश्चित करें तथा अनुपालन से जिलाधिकारी को भी अवगत करायें।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि शील नर्सिंग होम प्राईवेट लि बरेली के मध्य हुए अनुबन्ध की शर्तो के तहत 14 मई 2013 से स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहा है, जबकि पीपीपी मोड़ के अन्तर्गत संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जखोली में जनरल सर्जन की तैनाती नहीं की गयी है और एनेस्थेटिस्ट को प्रत्येक माह वेतन का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जखोली में जनरल सर्जन की तैनाती की जाय। उन्होंने आदेश दिये कि जब तक स्वास्थ्य केन्द्र में जनरल सर्जन की नियुक्ति नहीं की जाती, तब तक एनेस्थेटिस्ट का वेतन आहरण न किया जाय। एक्सरे कक्ष का निरीक्षण करने पर एक्स-रे टैक्निशियन का आकस्मिक अवकाश पर होना बताया गया। एक्स-रे कक्ष में मरीजों को एक्स-रे रिपोर्ट पृथक से नहीं दी जानी पायी गई। शल्य कक्ष का निरीक्षण करने पर पाया गया कि कक्ष की छत के एक किनारे से पानी टपकने से दीवारों में सीलन आयी हुयी है तथा शल्य कक्ष में सीलन की बदबू आ रही है।

उक्त चिकित्सालय के पीपीपी मोड में संचालित होने से आज तक चिकित्सक द्वारा एक भी सर्जरी नहीं की गई है, जो कि अत्यंत गम्भीर विषय है। निरीक्षण के दौरान शल्य कक्ष, लेबर रुम तथा ईएनटी कक्ष में आवश्यक उपकरणों की कमी बतायी गयी। क्लीनिकल स्टाफ के कक्षों का निरीक्षण करने पर किसी भी कक्ष में चिकित्सकों की नाम पट्टिका प्रदर्शित की जानी नहीं पायी गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात कोई भी चिकित्सक की अनुमति प्राप्त किये बगैर अपने मुख्यालय से बाहर प्रस्थान नहीं करेगा। स्वास्थ्य केन्द्र में सर्जरी किये जाने तथा ब्लॅड कलेक्शन की व्यवस्था होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि एक माह के भीतर स्वास्थ्य केन्द्र में समस्त चिकित्सीय व्यवस्थायें दुरुस्त नहीं की गई तो शील नर्सिंग होम पीपीपी मोड जखोली का वेतन आहरण नहीं किया जायेगा।

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