उत्तराखंड

देश को पहली बार IMA से मिलीं नौ महिला सैन्य अफसर..

देश को पहली बार IMA से मिलीं नौ महिला सैन्य अफसर..

सैन्य इतिहास में जुड़ा नया अध्याय..

 

 

 

उत्तराखंड: देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) ने शनिवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। अकादमी की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड (POP) में पहली बार नौ महिला कैडेट्स सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। यह अवसर भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जिसने सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को नई पहचान दी है। आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित भव्य समारोह में देश की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षण पूर्ण कर सेना में शामिल होने जा रहे युवा अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), सीएम पुष्कर सिंह धामी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुबह के समय आयोजित इस भव्य परेड में सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते कैडेट्स ने महीनों की कठिन ट्रेनिंग और अपने जज्बे का परिचय दिया। परेड के दौरान कैडेट्स की शानदार ड्रिल और तालमेल ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

इस बार की पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स ने अंतिम पग पार कर सैन्य जीवन की नई शुरुआत की। इनमें 481 भारतीय जेंटलमैन एवं महिला कैडेट्स शामिल रहे, जबकि 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स ने भी अपना प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के बाद ये विदेशी कैडेट्स अपने-अपने देशों की सेनाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालेंगे, जो भारत और मित्र देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाएगा। हालांकि पूरे समारोह का सबसे चर्चित और ऐतिहासिक क्षण वह रहा जब पहली बार आईएमए से प्रशिक्षित नौ महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी के रूप में पासआउट हुईं। यह उपलब्धि भारतीय सेना में लैंगिक समानता और महिलाओं को मिल रहे बढ़ते अवसरों का प्रतीक मानी जा रही है। वर्षों से पुरुष अधिकारियों को तैयार करने वाली इस प्रतिष्ठित अकादमी में महिला कैडेट्स का पासआउट होना एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

परेड के बाद आयोजित पीपिंग सेरेमनी में नव नियुक्त अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाई गई। इस भावुक और गौरवपूर्ण अवसर पर परिजनों ने अपने बेटों और बेटियों को सैन्य अधिकारी के रूप में देखकर गर्व महसूस किया। कई परिवारों के लिए यह जीवन का सबसे यादगार क्षण बन गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक दिन पूर्व शुक्रवार को देहरादून पहुंची थीं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), सीएम पुष्कर सिंह धामी, वरिष्ठ मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुईं और आईएमए समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। बता दे कि यह दूसरा अवसर है जब किसी महिला राष्ट्रपति ने आईएमए की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भी इस गौरवशाली समारोह की सलामी ले चुकी हैं। इस वर्ष की पासिंग आउट परेड केवल नए सैन्य अधिकारियों के सेना में शामिल होने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने भारतीय सेना के बदलते स्वरूप और महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया। नौ महिला अधिकारियों के पासआउट होने के साथ ही आईएमए ने भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा।

 

 

 

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