केदारघाटी के ग्रामीणों को मिली बड़ी सौगात..
माधव चिकित्सालय में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत..
उत्तराखंड: केदार घाटी के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। गुप्तकाशी के समीप नारायणकोटि स्थित माधव चिकित्सालय में अब अल्ट्रासाउंड जांच और प्रसव (डिलीवरी) की सुविधा शुरू कर दी गई है। इस पहल से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए चुनौती बनी हुई थी। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, अल्ट्रासाउंड और प्रसव के लिए कई बार 50 से 100 किलोमीटर दूर स्थित अस्पतालों तक जाना पड़ता था। खराब मौसम, दुर्गम सड़कें और आपातकालीन परिस्थितियां अक्सर मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें बढ़ा देती थीं। ऐसे में माधव चिकित्सालय में शुरू हुई नई स्वास्थ्य सुविधाओं को क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेगी। वहीं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इससे गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह मिल सकेगी, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलेगी। माधव चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. विपिन कुमार भारद्वाज ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केदार घाटी के दूरस्थ गांवों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, अल्ट्रासाउंड और सुरक्षित प्रसव की सुविधा अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध है। इससे महिलाओं को समय पर उपचार मिलेगा और जटिल परिस्थितियों में बेहतर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में केवल मातृ स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं बल्कि विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. धारा महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और प्रसव सेवाओं की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जबकि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पिनाक नवजात एवं बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल कर रहे हैं। इससे मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और उपचार की सुविधा मिल रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हाल ही में राजकीय चिकित्सालय फाटा से सेवानिवृत्त एएनएम दर्शनी देवी भी माधव चिकित्सालय से जुड़ गई हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव क्षेत्र की महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए लाभकारी साबित होगा। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि उनके जुड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवाओं की गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानन्द हेल्थ सोसायटी द्वारा वर्ष 2012 से माधव चिकित्सालय के माध्यम से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। संस्था का उद्देश्य दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। पिछले कई वर्षों से चिकित्सालय स्थानीय लोगों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी अस्पताल में शुरू हुई नई सुविधाओं का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब गर्भवती महिलाओं को छोटी-छोटी जांचों और प्रसव के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल उपचार भी मिल सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अल्ट्रासाउंड और सुरक्षित प्रसव जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा बल्कि नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और स्वास्थ्य सुरक्षा भी स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित हो सकेगी। केदार घाटी के लोगों के लिए यह पहल स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक नई उम्मीद लेकर आई है। स्थानीय स्तर पर आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भविष्य में क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।