मठियाणा देवी मंदिर में निकाली भव्य जल कलश यात्रा - UK News Network
उत्तराखंड

मठियाणा देवी मंदिर में निकाली भव्य जल कलश यात्रा

रोहित डिमरी

जल कलश यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया प्रतिभाग

12 वर्षों बाद सिद्धपीठ मठियाणा देवी मंदिर में महायज्ञ का आयोजन

आज पूर्णाहुति के साथ संपंन होगा महायज्ञ

रुद्रप्रयाग। 12 वर्षों बाद सिद्धपीठ मठियाणा देवी में आयोजित नौ दिवसीय महायज्ञ के आठवें दिन भव्य जल कलश यात्रा निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं की जयकारों के बीच जब डेढ़ किमी दूर से जल कलश यात्रा मां मठियाणा देवी के मंदिर परिसर पहुंची तो सम्पूर्ण क्षेत्र मां के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी थी कि मंदिर परिसर से लेकर आस-पास तक कही भी पैर रखने की जगह नहीं थी।

सोमवार को पुर्णाहुति के साथ महायज्ञ का विधिवत समापन हो जायेगा।  12 वर्षों बाद भरदार क्षेत्र के 11 गांवों के ग्रामीणों के सहयोग से प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां मठियाणा देवी में नौ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया गया है। 18 फरवरी से शुरू हुये महायज्ञ के आठवें दिन रविवार को मठियाणा गांव से मां मठियाणा देवी के परिसर तक स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों पर 81 कलशों से भव्य जल कलश यात्रा निकाली गई।

जल कलश यात्रा के मंदिर पहुंचते ही मंदिर परिसर मां के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। जल कलश यात्रा में प्रतिभाग करने के लिये दूर-दराज क्षेत्रों से दस हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी थी कि मंदिर परिसर से लेकर आस-पास तक के क्षेत्र में कही भी पैर रखने की जगह नहीं थी। जल कलश यात्रा के मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद कई देवता नर पश्वा के रूप में अवतरित हुये। श्रद्धालुओं ने पुष्प और अक्षत्रों से जल कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया। प्रथम कलश का जल मां मठियाणा को अर्पित किया गया। शेष कलशों का जल श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया। श्रद्धालुओं की ओर से मां के दर्शनों के लिये पहुंचे भक्तों के लिये भंडारे का भी आयोजन किया गया था।

स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर थापों और मां के जयकारों के साथ बच्चे, बढ़ूे, जवान, महिलाएं देर सांय तक मां की भक्ति में झूमते रहे।  इस नौ दिवसीय महायज्ञ में भरदार क्षेत्र के कमड़ गांव, मूल्यागांव, खण्डगांव, माथगांव, मौषड़, ढौण्ड़ा, दांतागैर, पलोट, रिंगेड, उदियाणगांव, बांसील, महरगांव आदि गांवों के भक्त अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। जबकि 23 विद्वान आचार्यों द्वारा हवनकुंड में आहुतियां डाली जा रही हैं। विदित हो कि प्रत्येक 12 वर्षों में उक्त गांवों के श्रद्धालुओं द्वारा क्षेत्र की खुशहाली संपंनता के लिये मां मठियाणा देवी के मंदिर में नौ दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जाता है। सोमवार को परंपरानुसार नौ दिवसीय महायज्ञ का पूर्णाहुति के साथ समापन किया जायेगा। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक भरत सिंह चैधरी, जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, महायज्ञ समिति के अध्यक्ष रघुवीर सिंह कठैत, उपाध्यक्ष विजय सिंह राणा, मठापति विक्रम सिंह, जगपति गजे सिंह, कोषाध्यक्ष उदय सिंह, सचिव त्रिलोक सिंह, बलवीर सिंह कठैत, प्रधान राधा देवी, सामाजिक कार्यकर्ता मुंशी सिंह राणा, क्षेपंस दीपा देवी, सूरत सिंह कठैत, दिल सिंह राणा, जसपाल सिंह कठैत, उमेद सिंह राणा, जगत सिंह रावत, गजे सिंह खण्डा, श्रवण सिंह महर, कुंवर सिंह कठैत, बचन सिंह कठैत, जयेन्द्र सिंह कठैत, अर्जुन सिंह राणा सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।

 

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