केदारनाथ हेली सेवा पर मौसम की मार, 14 दिनों में 4000 टिकट रद्द..
उत्तराखंड: केदारनाथ धाम यात्रा में इस बार हेली सेवाओं को लेकर प्रशासन और हेली कंपनियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं। खराब मौसम और लगातार बदलते हालात को देखते हुए उड़ानों के संचालन में किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जा रहा है। यही वजह है कि बीते दो सप्ताह में मौसम प्रतिकूल रहने के कारण चार हजार से अधिक हेली टिकट रद्द किए जा चुके हैं। हालांकि इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हेली सेवाओं का संचालन पूरी सावधानी के साथ किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए इस वर्ष आठ हेली कंपनियां सेवाएं दे रही हैं। यात्रा सीजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेली सेवा का सहारा लेते हैं, खासकर वे यात्री जो स्वास्थ्य संबंधी कारणों या अधिक पैदल चलने में असमर्थ होते हैं। लेकिन इस बार मौसम की लगातार खराब स्थिति ने हेली संचालन को प्रभावित किया है।
बताया जा रहा है कि मई के पहले सप्ताह तक सामान्यतः मौसम अनुकूल हो जाता है और हेली सेवाएं पूरी रफ्तार पकड़ लेती हैं, लेकिन इस बार पहाड़ों में लगातार बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। पहली मई से पांच मई तक कई क्षेत्रों में बारिश होती रही, जबकि केदारनाथ धाम में लगातार दो दिन तक बर्फबारी हुई। ऐसे हालात में हेली कंपनियां उड़ानों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। बता दे कि पिछले वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान हुए हेली हादसों ने प्रशासन और नागरिक उड्डयन विभाग की चिंता बढ़ा दी थी। बीते यात्रा सीजन में पांच अलग-अलग हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद हेली सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों पर गंभीर सवाल उठे थे। इसी को देखते हुए इस बार नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने यात्रा शुरू होने से पहले ही हेली सेवाओं के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन मानकों के पालन पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) लगातार नजर बनाए हुए है।
इस वर्ष 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवाएं भी शुरू कर दी गई थीं। शुरुआती दिनों में मौसम अनुकूल रहने के कारण उड़ानों का संचालन सुचारु रूप से चलता रहा, लेकिन बाद में मौसम खराब होने के कारण कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा। खराब मौसम के चलते उड़ानों का संचालन रोकने का निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। हेली टिकट रद्द होने से उन श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो स्वास्थ्य कारणों से पैदल यात्रा नहीं कर सकते। हालांकि कई यात्री वैकल्पिक रूप से घोड़े-खच्चरों और पालकी सेवाओं का सहारा लेकर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला पर्यटन अधिकारी एवं हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे के अनुसार, इस यात्रा सीजन में अब तक हेली सेवाओं के माध्यम से 11,894 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। वहीं अब तक कुल 2,079 शटल उड़ानों का संचालन किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही हेली सेवाओं को फिर से नियमित रूप से संचालित किया जाएगा, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इस बार प्रशासन हर मोर्चे पर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। खासतौर पर हेली सेवाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।