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उत्तराखंड में मिले ओमिक्रॉन के तीन नए मामले, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

उत्तराखंड में मिले ओमिक्रॉन के तीन नए मामले, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप..

देहरादून में दो और हरिद्वार में मिला एक मरीज..

 

 

उत्तराखंड: प्रदेश में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के तीन और नए मामले मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया हैं। जिसके चलते उत्तराखंड सरकार ने कल से ही राज्य में रात्रि कर्फ्यू भी लागू कर दिया है। इसके तहत राज्य में रात 11 बजे से तड़के पांच बजे तक आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।

 

इसके साथ ही संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए जिला स्तर पर टीम गठित की जाएगी। जिसमें प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम होम आइसोलेशन, क्वारंटीन, कंटेनमेंट जोन को प्रभावी तरीके से लागू करेगी।

 

आपको बता दे कि सोमवार को देहरादून में दो बुजुर्ग और हरिद्वार में एक युवक ओमिक्रॉन संक्रमित पाया गया था। तीन संक्रमित यमन और दुबई से लौटे थे। जबकि लंदन से लौटी एक महिला की ओमिक्रॉन की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। प्रदेश में अब तक ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या चार हो गई है।

ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। बता दे कि हरिद्वार व देहरादून में ओमिक्रॉन के तीन नए संक्रमित मिले हैं। हरिद्वार में यमन से लौटा 28 वर्षीय युवक की मेला चिकित्सालय हरिद्वार कोविड आरटीपीसीआर जांच की गई थी। जिसमें युवक संक्रमित मिला था। इसके बाद कोविड सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया था। जिसमें ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है। संक्रमित युवक को आइसोलेट किया गया है।

 

स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना हैं कि ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने पर सभी सीएमओ को ओमिक्रॉन की रोकथाम और बचाव के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अस्पतालों में इनफ्लूएंजा व गंभीर सांस ग्रसित मरीजों की सघन निगरानी कर कोविड जांच करने के निर्देश दिए।

 

इसके साथ ही निर्देश भी दिए हैं कि होम आइसोलेशन मरीजों पर कंट्रोल रूम के माध्यम से निगरानी रखी जाए। कोविड संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की संघन ट्रेसिंग की जाए। जिसमें औसतन 20 संपर्क में आए लोगों को आईसीएमआर की गाइड लाइन के अनुसार कोविड जांच की जाए।

 

आरटीपीसीआर जांच में संक्रमित लोगों के सैंपल अनिवार्य रूप से जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दून मेडिकल कालेज को भेजा जाए। इसके अलावा सीएमओ को अस्पतालों में आइसोलेशन, ऑक्सीजन और आईसीयू बेड, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, सिलिंडर और कंसन्ट्रेटर को पूर्ण रूप से संचालन हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 

 

 

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