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उत्तराखंड

कुंड बाईपास राजमार्ग निर्माण से सिंगोली गांव को खतरा..

कुंड बाईपास राजमार्ग निर्माण से सिंगोली गांव को खतरा..

डीएम ने ग्रामीणों की शिकायत पर किया गांव का स्थलीय निरीक्षण..

एनएच के अधिकारियों को दिए शीघ्र कार्यवाही के निर्देश..

निरीक्षण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुना..

 

 

 

 

 

 

 

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर कुंड से बनाए जा रहे बाईपास निर्माण से सिंगोली गांव के ग्रामीण खासे परेशान हैं। आलम यह है कि राजमार्ग के लिए की जा रही कटिंग के कारण बरसात व स्रोत का पानी ग्रामीणों के घरों एवं खेतों में आ रहा है, जिस कारण खतरा उत्पन्न हो गया है।

 

 

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर कुंड से बनाए जा रहे बाईपास निर्माण से सिंगोली गांव के ग्रामीण खासे परेशान हैं। आलम यह है कि राजमार्ग के लिए की जा रही कटिंग के कारण बरसात व स्रोत का पानी ग्रामीणों के घरों एवं खेतों में आ रहा है, जिस कारण खतरा उत्पन्न हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों ने डीएम मयूर दीक्षित से शिकायत करते हुए क्षेत्र का भ्रमण करने की मांग की।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्रामीणों की समस्या का संज्ञान लेते हुए एनएच के अधिकारियों के साथ सिंगोली गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने राजमार्ग निर्माण से ग्रामीणों के घरों एवं खेतों में जा रहे पानी को रोकने को कहा। इसके लिए अधिशासी अभियंता एनएच एवं संबंधित ठेकेदार को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश मौके पर दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार को निर्देश दिए कि रोड़ कटिंग के कारण वर्षा एवं स्रोत का पानी सड़क में न जाए तथा इस पर विशेष ध्यान दिया जाए कि पानी की निकासी के लिए बनाए जा रही नालियों के माध्यम से ही पानी की निकासी सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि इसमें यदि किसी प्रकार की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की जाती है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क कटिंग से रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। उन्हें भी समय से दुरूस्त किया जाए।

ताकि ग्रामीणों एवं पशुओं को आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। उन्होंने कहा कि मानसून की दृष्टिगत वर्षा के पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करते हुए नालियों को शीर्ष प्राथमिकता से बनाया जाए, ताकि पानी सड़क में न बहे और ना ही ग्रामीणों के घरों एवं खेतों को किसी प्रकार का कोई नुकसान हो। इसके लिए संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना तथा उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, अधिशासी अभियंता एनएच निर्भय सिंह, सहायक अभियंता राजीव चौहान सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं ग्रामीण मौजूद थे।

 

 

 

 

 

 

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