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उत्तराखंड

आज से शुरू होगी बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया..

आज से शुरू होगी बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया..

अभी तक 1,79235 तीर्थयात्रियों ने किए बद्रीनाथ के दर्शन..

 

 

 

उत्तराखंड: पंच पूजाओं के साथ बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया आज मंगलवार से शुरू हो जाएगी। भगवान बद्री विशाल के अभिषेक के बाद मंदिर परिसर में स्थित गणेश मंदिर को शीतकाल में छह माह के लिए बंद आज कर दिया जाएगा। इसके बाद 20 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

मंगलवार को सबसे पहले गणेश मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। 17 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर में और 18 को खडग पुस्तक का पूजन होगा। इसी दिन वेद ऋचाओं का वाचन और पाठ बंद कर दिया जाएगा। 18 को माता लक्ष्मी की पूजा और आह्वान किया जाएगा और 20 नवंबर को शाम 6 बजकर 45 मिनट पर बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस वर्ष चारधाम यात्रा का भी समापन हो जाएगा।

 

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ का कहना हैं कि बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद 21 नवंबर को आदि गुरु शंकराचार्य की पवित्र गद्दी, उद्धव जी और कुबेर जी की उत्सव डोली योग ध्यान बद्री मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी। उद्धव जी और कुबेर जी को योग ध्यान बदरी पांडुकेश्वर मंदिर में विराजमान किया जाएगा। 22 को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी को जोशीमठ में नृसिंह मंदिर में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद पांडुकेश्वर और जोशीमठ में बद्रीनाथ भगवान की शीतकालीन यात्रा शुरू होगी।  वहीं, बद्रीनाथ में अभी तक 1,79235 तीर्थयात्री भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम में अब कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है।

 

 

 

 

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