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पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग: लगातार दरक रही पहाड़ी, यात्रियों ने खुद पत्थर हटाकर बनाया रास्ता..

पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग: लगातार दरक रही पहाड़ी, यात्रियों ने खुद पत्थर हटाकर बनाया रास्ता..

उत्तराखंड: पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग के चुपकोट बैंड के पास पहाड़ से लगातार पत्थर गिर रहे है। शुक्रवार को भी पहाड़ी से बड़ी संख्या में पत्थर सड़क पर गिर गए। जिससे यातायात कुछ समय के लिए बंद हो गया था। काफी देर पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहने के कारण यात्रियों को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। जिसके बाद यात्रियों और वाहन चालकों ने स्वयं पत्थर हटाए, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका। पिथौरागढ़-घाट बारहमासी सड़क सीमांत के लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। चुपकोट बैंड पर कमजोर पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं।

 

इस स्थान पर मार्च में ही सड़क कई बार बंद हो चुकी है। यह सड़क दो-तीन मार्च को 38 घंटे, जबकि 23-24 मार्च को 26 घंटे बंद रही थी।पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। करीब 150 मीटर लंबी पहाड़ी से अभी भी लगातार पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिर रहा है। इससे यहां पर हादसे का भी खतरा बना हुआ है।

 

शुक्रवार को भी दिन में पहाड़ी से पत्थर गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बंद रहा। इस मौके पर जेसीबी या पोकलैंड न होने से यात्रियों और चालकों ने खुद ही सड़क से पत्थर हटाए। जिसके बाद छोटे वाहन निकल गए। बाद में मशीन से मलबा हटाने के पर बड़े वाहनों का संचालन शुरू हुआ। जिस स्थान पर मलबा आया है वहां पर पहाड़ी बेहद संवेदनशील बनी है।

 

आपको बता दे कि इस स्थान पर वर्ष 2020 में भारी भूस्खलन हुआ था। लगातार पहाड़ी के खिसकने से सड़क बरसात में आए दिन बंद हुई थी। मटेला से करीब 100 मीटर की दूरी पर पिथौरागढ़ की ओर स्थित चुपकोट बैंड की पहाड़ी पर पक्की सुरक्षा दीवारों की जरूरत है। यह पहाड़ी बेहद कमजोर होने के कारण सीमांत के लिए परेशानी का कारण बनी है।

 

सुरक्षा दीवार न होने से पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरते रहते हैं। यह सड़क कई बार बंद हो चुकी है। इसके चलते आए दिन लोगों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिथौरागढ़-घाट सड़क सीमांत जिले की जीवन रेखा के समान होने से सड़क बंद होने पर सभी गतिविधियां ठप हो जाती हैं।

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