इस गांव में -50 डिग्री में भी गांव वाले करते है रोजमर्रा के काम...
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इस गांव में -50 डिग्री में भी गांव वाले करते है रोजमर्रा के काम…

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इस गांव में -50 डिग्री में भी गांव वाले करते है रोजमर्रा के काम…

दुनिया का सबसे ठंडा गांव, जहां -50 डिग्री में स्कूल जाते हैं बच्चे…

रूस के ओम्याकोन गांव को अंटार्कटिका के बाहर दुनिया की सबसे ठंडी जगह…

देश-विदेश : पिछले एक हफ्ते सेमें कड़ाके की ठंड पड़ रही है. जिसे देखते हुए लोगों ने खुद को घरों में पैक कर लिया है. मौसम विभाग की मानें तो इस बार कई जगहों पर भीषण ठंड पड़ने की संभावना है. भारत समेत दुनिया के कई शहरों में तापमान माइनस के नीचे चला जाता है. मगर क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा गांव है जहां का न्यूनतम तापमान -71 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है.

जी हां, हम रूस (Russia) के साइबेरिया (Siberia) में स्थित ओम्याकोन () गांव की ही बात कर रहे हैं. जिसे अंटार्कटिका के बाहर दुनिया की सबसे ठंडी जगह माना जाता है. यहां औसतन तापमान -50 डिग्री के आसपास रहता है.

 

 

साल 1924 में इस जगह का तापमान -71.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था. 2018 के आंकड़ों के मुताबिक, यहां 500 से 900 लोग रहते हैं. इन लोगों पर फ्रॉस्टबाइट या पाला गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है.

कड़ाके की सर्दियों का सामना करने के लिए बच्चों को यहां के तापमान के हिसाब से सख्त बनाया जाता है. यहां माइनस 50 डिग्री के तापमान में बच्चे स्कूल जाते हैं. और जब तापमान में अधिक गिरावट होने लगती है तो यहां स्कूलों को बंद कर दिया जाता है.

 

 

यहां दिसंबर के महीने में सूरज करीब 10 बजे उगता है. ऐसे में ठंड के कारण लोगों का हाल बेहाल हो जाता है. आलम ये होता है कि गाड़ियों की बैट्री बर्फ में न जमें, इस वजह से गाड़ियों को हर वक्त स्टार्ट किए रखना पड़ता है.

सर्दियों के समय इस गांव में कोई भी फसल नहीं उगती है. लोग अधिकतर अलग-अलग तरह के मांस खाकर जिंदा रहते हैं. यहां रेंडियर और घोड़े के मास के अलावा लोग स्ट्रोगनीना मछली का खूब सेवन करते हैं.

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