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उत्तराखंड

निर्विघ्न यात्रा की कामना के साथ बाबा केदार के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू..

निर्विघ्न यात्रा की कामना के साथ बाबा केदार के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू..

भैरवनाथ का किया आह्वान..

 

 

 

 

 

उत्तराखंड: भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना के साथ केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भगवान केदारनाथ की निर्विघ्न यात्रा के लिए क्षेत्रपाल के रूप में पूजे जाने वाले भगवान भैरवनाथ की आराधना की गई। साथ ही देवता की पूरी-पकौड़ी से बनी मालाओं से श्रृंगार कर अष्टादश आरती उतारी गई।

गुरूवार को पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ स्थित भैरवनाथ मंदिर में बाबा केदार की डोली के धाम प्रस्थान की पूर्व संध्या पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। धाम के लिए नियुक्त पुजारी शिव लिंग द्वारा भगवान भैरवनाथ का पंच ब्रह्म मंत्र से अभिषेक किया गया। साथ ही पंचामृत अभिषेक रुद्राभिषेक के साथ पूरी-पकौड़ी की माला से श्रृंगार किया गया।

बाल भोग के बाद भगवान भैरवनाथ को महाभोग लगाया गया। केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग की अगुवाई में शिवाचार्य महास्वामी केदार लिंग, पुजारी शिव शंकर लिंग, बागेश लिंग, गंगाधर लिंग द्वारा अष्टादश आरती उतारी गई। वहीं, मंदिर के वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी, यशोधर मैठाणी, नवीन मैठाणी, मृत्युंजय हीरेमठ, आशाराम नौटियाल के वेद मंत्रोच्चारण के बीच सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया।

 

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छह माह पूजा-अर्चना का संकल्प कराया..

रावल भीमाशंकर लिंग ने केदारनाथ के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिव लिंग को भगवान भैरवनाथ के समक्ष धाम की छह माह पूजा-अर्चना का संकल्प कराते हुए आशीर्वाद दिया। इसके बाद भगवान भैरवनाथ की पूजा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर बीकेटीसी के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, भाजपा की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा, एसडीएम जितेंद्र वर्मा, कार्याधिकारी रमेश तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल आदि मौजूद थे।

 

 

 

 

 

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