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उत्तराखंड

अब सीधे राज्यपाल-मंत्री और सीएम से शिकायत नहीं कर सकेंगे कर्मचारी..

अब सीधे राज्यपाल-मंत्री और सीएम से शिकायत नहीं कर सकेंगे कर्मचारी..

शिक्षकों-कर्मचारियों ने राज्यपाल-मंत्री और सीएम को सीधे पत्र लिखा तो होगी कार्रवाई..

 

 

 

 

 

 

 

प्रदेश में शिक्षकों व कर्मचारियों ने राज्यपाल, मंत्री और मुख्यमंत्री को सीधे पत्र लिखा तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 

उत्तराखंड: कुछ महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ओर से सीधेे मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर कर्मचारी आचार नियमावली का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसके चलते अब अगर प्रदेश में शिक्षकों व कर्मचारियों ने राज्यपाल, मंत्री और मुख्यमंत्री को सीधे पत्र लिखा तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. संदीप कुमार शर्मा ने समस्त महाविद्यालय प्राचार्य को निर्देश जारी कर दिए हैं।

 

उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से सभी प्राचार्य एवं संयुक्त निदेशक को जारी निर्देश में कहा गया है कि उच्च स्तर से इस बात पर नाराजगी जताई गई है कि उच्च शिक्षा विभाग के तहत सेवारत कार्मिक उत्तराखंड कर्मचारी आचरण नियमावली की अवहेलना करते हुए सीधे अपने नाम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों को पत्र लिख रहे हैं। विभिन्न प्रकरणों पर सीधे इस तरह से प्रार्थना पत्र लिखा जाना नियमों के विरुद्ध एवं विभागीय गरिमा के प्रतिकूल है।

उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि दो जून के निर्देश में भी कार्मिकों को शासकीय नियमों की परिधि में रहते हुए उच्चाधिकारियों से पत्राचार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी कुछ कार्मिकों की ओर से इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

उच्च शिक्षा निदेशक ने प्राचार्यों को दिए निर्देश में कहा कि इस निर्देश से महाविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अवगत कराते हुए उनके नाम व हस्ताक्षर युक्त प्रति तीन दिन के भीतर निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए ताकि आगे से इस तरह से सीधे पत्र लिखने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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