सितंबर में शुरू होगा खेल महाकुंभ, अंडर-14 और अंडर-19 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम..
उत्तराखंड: खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से सितंबर में खेल महाकुंभ 2026-मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं की शुरुआत एक सितंबर से होगी और अलग-अलग चरणों में खिलाड़ी न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऑनलाइन बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं में शारीरिक क्षमता के साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने पिछले वर्षों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियों और प्रगति का आकलन करने के साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया।
चार चरणों में होंगी प्रतियोगिताएं
खेल महाकुंभ के तहत प्रतियोगिताओं का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर पर मुकाबले होंगे। इसके बाद 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा स्तर और 21 से 30 सितंबर तक संसदीय क्षेत्र स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 1 अक्तूबर से राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन शुरू होगा। प्रतियोगिताओं में अंडर-14 और अंडर-19 आयु वर्ग के बालक-बालिकाएं हिस्सा ले सकेंगे। खिलाड़ियों के लिए खो-खो, बॉक्सिंग, जूडो, ताइक्वांडो, कराटे, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और शतरंज सहित कई खेलों में प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा।
विजेताओं को पदक के साथ नकद पुरस्कार
चैंपियनशिप के विभिन्न चरणों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रमाणपत्र और पदक के साथ नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः 300, 200 और 150 रुपये मिलेंगे। विधानसभा स्तर पर पुरस्कार राशि 500, 400 और 300 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं संसदीय क्षेत्र स्तर पर विजेताओं को 800 रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 600 रुपये और तीसरे स्थान के लिए 400 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पिछले वर्ष के खेल महाकुंभ में देहरादून जिले के खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा था। जिले ने 146 स्वर्ण, 92 रजत और 80 कांस्य पदक, यानी कुल 318 पदक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। इस बार भी बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों की तैयारी और आयोजन की व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बैठक में विधायक उमेश शर्मा, ऋषिकेश नगर निगम के मेयर शंभू पासवान, जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडेय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।