पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई को मिली मंजूरी..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में चिकित्सा शिक्षा को लेकर बड़ी उपलब्धि सामने आई है। स्व. जगजीवन राम राजकीय मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से MBBS की पढ़ाई शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने कॉलेज की दूसरी अपील को मंजूर करते हुए 50 MBBS सीटों पर प्रवेश की अनुमति दे दी है। कॉलेज प्रशासन की ओर से शुरुआत में 100 MBBS सीटों के साथ नया सत्र शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया था। हालांकि, मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की जांच के दौरान कॉलेज में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, संसाधनों और फैकल्टी को लेकर कुछ कमियां सामने आई थीं। इसके चलते पहले चरण में दाखिले की अनुमति नहीं मिल सकी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने कमियों को दूर करने की दिशा में काम किया। आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ पर्याप्त फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। तैयारियां पूरी होने के बाद कॉलेज की ओर से केंद्र सरकार के समक्ष दोबारा अपील दाखिल की गई। दूसरी अपील पर केंद्र सरकार के तकनीकी विशेषज्ञ समूह और मुख्य संचालन अधिकारी की ओर से कॉलेज की व्यवस्थाओं और प्रस्तुत दस्तावेजों की दोबारा समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि कॉलेज में 50 MBBS सीटों के संचालन के लिए जरूरी फैकल्टी और अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। इसके बाद 50 सीटों के लिए प्रवेश की मंजूरी प्रदान की गई।
सीमांत क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई शुरू होने से पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी। मंजूरी मिलने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ जैसे सीमांत क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा की शुरुआत होने से स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। सीएम ने इस फैसले को उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया।