उत्तराखंड

केदारनाथ यात्रा में स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत, 6733 का इलाज, हेली रेस्क्यू अलर्ट..

केदारनाथ यात्रा में स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत, 6733 का इलाज, हेली रेस्क्यू अलर्ट..

 

 

उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा के दौरान इस बार रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत और प्रभावी मॉडल सामने आया है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बदलते मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं को त्वरित, व्यवस्थित और जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम क्षेत्र तक चिकित्सा व्यवस्थाओं को व्यापक स्तर पर मजबूत किया गया है। विभिन्न स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट, बेस कैंप चिकित्सालय, मोबाइल हेल्थ यूनिट, एम्बुलेंस और हेली रेस्क्यू सेवाएं 24×7 सक्रिय हैं, जिससे आपात स्थिति में तत्काल उपचार सुनिश्चित हो सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश के अनुसार यात्रा के शुरुआती तीन दिनों में ही 6733 श्रद्धालुओं को ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं प्रदान की गई हैं। अकेले 24 अप्रैल को 4993 यात्रियों का उपचार किया गया। इसके अलावा अब तक 2869 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 1311 जांचें एक ही दिन में की गईं। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की इस व्यवस्था का बड़ा लाभ यह हो रहा है कि जोखिम वाले यात्रियों की समय रहते पहचान की जा रही है। अब तक 11 ऐसे यात्रियों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें स्वास्थ्य कारणों से आगे की यात्रा न करने की सलाह दी गई है, जिससे संभावित गंभीर स्थितियों को टाला जा सके।

रेस्क्यू सिस्टम भी पूरी तरह सक्रिय और प्रभावी रूप में काम कर रहा है। अब तक 4 यात्रियों को हेली सेवा के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है, जबकि 13 यात्रियों को एम्बुलेंस और 7 श्रद्धालुओं को डंडी-कंडी के जरिए सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। 23 अप्रैल को दो गंभीर मामलों में हेली रेस्क्यू ने समय पर हस्तक्षेप कर यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं मामलों में गुजरात के मेहसाणा निवासी 55 वर्षीय धनजी भाई को सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी की शिकायत पर प्राथमिक उपचार के बाद हेली सेवा से जिला चिकित्सालय भेजा गया। वहीं नागपुर निवासी 19 वर्षीय मंदार मधुकर को भी सांस लेने में कठिनाई और चक्कर आने की समस्या के बाद केदारनाथ स्थित स्वास्थ्य केंद्र से उपचार देकर हेली रेस्क्यू के जरिए रेफर किया गया।

24 अप्रैल को भी दो गंभीर मरीजों को हेली सेवा के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तत्पर और प्रभावी हैं। यात्रा मार्ग पर ऑक्सीजन सुविधा से युक्त चिकित्सा केंद्र, प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, एम्बुलेंस और हेली सेवाएं लगातार तैनात हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर आने से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। कुल मिलाकर केदारनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ व्यवस्था और त्वरित रेस्क्यू प्रणाली श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा कवच बनकर उभरी है, जिससे उन्हें सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यात्रा का अनुभव मिल रहा है।

 

 

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