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उत्तराखंड

फॉरेस्ट गार्ड बनने के लिए 14 किलोमीटर दौड़कर दमखम दिखाएंगी युवतियां..

फॉरेस्ट गार्ड बनने के लिए 14 किलोमीटर दौड़कर दमखम दिखाएंगी युवतियां..

फॉरेस्ट गार्ड बनने के लिए 14 किलोमीटर दौड़कर दमखम दिखाएंगी युवतियां..

उत्तराखंड: फॉरेस्ट गार्ड (वन आरक्षी) पद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में आज से शारीरिक दक्षता परीक्षा शुरू हो गई है। जिसके लिए आयोग ने सोमवार को ही तैयारियां पूरी कर ली थी। मंगलवार को पहले दिन महिला अभ्यर्थी 14 किलोमीटर दौड़ में दृढ़ता दिखाएंगी। बुधवार को पुरुष अभ्यर्थियों की नापजोख और दौड़ होगी। भर्ती प्रकिया देख रहे एसडीओ शिवराज का कहना हैं कि गौलापार स्थित स्टेडियम में सुबह सात बजे से कुमाऊं भर के अभ्यर्थियों का प्रवेश शुरू हुआ।

 

भर्ती के लिए बड़ी संख्या में युवतियां यहां पहुंचीं हैं। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के भीतर अभ्यर्थियों को ट्रैक पर दौड़ना होगा। वन आरक्षी की भर्ती में फिजिकल पास करना जरूरी है। हालांकि, इसके नंबर मेरिट में नहीं जुड़ेंगे। फाइनल मेरिट लिखित परीक्षा के नंबरों के आधार पर बनेगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा को केवल पास करना है। इसलिए अभ्यर्थी बिना तनाव के भाग लें। वहीं, शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसी) के अनुसचिव ने भी हल्द्वानी में डेरा डाल दिया है।

 

अभ्यर्थियों के लिए ये है व्यवस्था..

1- सुबह सात बजे से अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।

2- पहले अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक हाजिरी लगी।

3- फिर महिला अभ्यर्थियों की लंबाई नापी गई।

4- लंबाई में फिट अभ्यर्थियों को दौड़ने की अनुमति मिली। हालांकि अभी दौड़ शुरू नहीं हुई है।

 

पुलिस और वन विभाग के अधिकारी तैनात

1- खेल विभाग और पुलिस की टीम करेगी नापजोख।

2- तीन एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम पर भी रहेगी मौजूद ।

आयोग से जारी दिशा-निर्देश 

1- गर्भवती महिलाओं को दौड़ की अनुमति नहीं दी गई, उन्हें इसके लिए अलग से अवसर दिया जाएगा।

2- अभ्यर्थी लैप यानी चक्कर को गिनने के लिए अपने पास घड़ी, मोबाइल, पैन और कागज को रख सकते हैं। निर्धारित स्थल पर मौजूद कर्मियों से पुष्टि कराने के बाद दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थी स्थल से बाहर जाएं।

3- अभ्यर्थी अपने लिए पानी, ग्लूकोस, फल आदि खाद्य सामग्री साथ में लेकर आएं। क्योंकि शारीरिक दक्षता परीक्षा स्थल में प्रवेश के बाद बाहर जाने की
अनुमति नहीं होगी।

4- दौड़ के लिए बनाए ट्रैक पर जगह-जगह पानी की व्यवस्था की जाएगी। शरीर गर्म होने पर मुंह और सिर धोने की व्यवस्था की गई है।

5- किसी भी दशा में मेडिकल इतिहास वाले अभ्यर्थी कठिनाई होने पर अपनी जान जोखिम में न डालें। दौड़ में दिक्कत होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें।

चार साल से चल रही भर्ती..

साल 2017 में फॉरेस्ट गार्ड के 1218 पदों के लिए सरकार ने विज्ञप्ति जारी की थी। कभी नियमावली संशोधन तो कभी विज्ञान विषय की बाध्यता खत्म करने के चलते सरकार ने दोबारा विज्ञप्ति निकाली। 16 फरवरी 2020 को किसी तरह सवा लाख अभ्यर्थियों ने फॉरेस्ट गार्ड बनने के लिए परीक्षा दी। इस बीच अन्य कारणों से साल 2021 में 57 अभ्यर्थियों के लिए दून में दोबारा परीक्षा कराई गई। इस साल नौ मार्च को रिक्त पदों के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी किया गया। प्री मेरिट सूची में जगह बनाने वाले अभ्यर्थियों को करीब चार महीने बाद दौड़ के लिए बुलाया गया है।

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