उत्तराखंड

तीन साल बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को मिला स्थायी अध्यक्ष, ले. जनरल गजेंद्र जोशी की नियुक्ति..

तीन साल बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को मिला स्थायी अध्यक्ष, ले. जनरल गजेंद्र जोशी की नियुक्ति..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) को लंबे इंतजार के बाद स्थायी अध्यक्ष मिल गया है। राज्य सरकार ने भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गजेंद्र जोशी को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही डॉ. हेमचंद्र पांडे को आयोग का नया सदस्य बनाया गया है। दोनों नियुक्तियों के आदेश जारी कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों से आयोग के कामकाज में तेजी आएगी और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को गति मिलेगी। लोक सेवा आयोग प्रदेश में विभिन्न विभागों की समूह ‘क’ और ‘ख’ सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी भर्तियों का संचालन करता है। ऐसे में लंबे समय तक स्थायी अध्यक्ष का पद खाली रहने से आयोग के प्रशासनिक और नीतिगत कार्य प्रभावित हो रहे थे। कई अहम निर्णय लंबित थे, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं की रफ्तार पर भी असर पड़ रहा था।

तीन साल बाद मिली स्थायी नियुक्ति..

आयोग में स्थायी अध्यक्ष का पद जून 2023 से रिक्त था। तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार के इस्तीफे के बाद आयोग की जिम्मेदारी कार्यवाहक अध्यक्षों के माध्यम से संचालित की जा रही थी। पहले वरिष्ठ सदस्य डॉ. जगमोहन सिंह राणा, उसके बाद रविदत्त गोदियाल और हाल के समय में अनिल कुमार राणा कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। हालांकि स्थायी अध्यक्ष के अभाव में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों में देरी हो रही थी। नवनियुक्त अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गजेंद्र जोशी मूल रूप से उत्तराखंड के चंपावत जिले के रहने वाले हैं। भारतीय सेना में उनका करियर लगभग 38 वर्षों का रहा है। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियां निभाईं और देश की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न अभियानों का नेतृत्व किया। उन्होंने सेना की प्रतिष्ठित स्ट्राइक-1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में सेवाएं दीं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल के कमांडेंट के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 30 अप्रैल 2026 को वे भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए।

कई सैन्य अभियानों का किया नेतृत्व..

अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान ले. जनरल गजेंद्र जोशी ने ऑपरेशन पवन (श्रीलंका), ऑपरेशन रक्षक (जम्मू-कश्मीर) तथा पूर्वोत्तर भारत में कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेतृत्व क्षमता, रणनीतिक कौशल और उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें देश के कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और सेना मेडल (SM) जैसे उच्च सैन्य अलंकरण प्राप्त हो चुके हैं, जो उनकी विशिष्ट सेवाओं और नेतृत्व का प्रमाण माने जाते हैं। राज्य सरकार के इस फैसले को आयोग की कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थायी अध्यक्ष और नए सदस्य की नियुक्ति के बाद भर्ती परीक्षाओं, परिणामों, साक्षात्कार और अन्य प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आने की उम्मीद है। प्रदेश के हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के समयबद्ध संचालन की मांग कर रहे थे। ऐसे में नई नियुक्तियों से आयोग की कार्यक्षमता बढ़ने और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की संभावना जताई जा रही है। सरकार ने आयोग में सदस्य के रिक्त पद पर डॉ. हेमचंद्र पांडे की नियुक्ति भी की है। उनके शामिल होने से आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी। माना जा रहा है कि नई टीम के साथ उत्तराखंड लोक सेवा आयोग आने वाले समय में भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा।

 

 

 

 

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