उत्तराखंड

उत्तराखंड को बड़ी सौगात,18 जुलाई से देहरादून-रामनगर के बीच दौड़ेगी सीधी ट्रेन..

उत्तराखंड को बड़ी सौगात,18 जुलाई से देहरादून-रामनगर के बीच दौड़ेगी सीधी ट्रेन..

उत्तराखंड: उत्तराखंड के लोगों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित देहरादून-रामनगर सीधी रेल सेवा का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। आगामी 18 जुलाई से इस नई रेल सेवा का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा, वहीं पर्यटन, व्यापार और आम लोगों की आवाजाही को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। नई रेल सेवा विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी, जिन्हें अब तक देहरादून से रामनगर पहुंचने के लिए कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती थी या सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था। सीधी ट्रेन शुरू होने से यात्रा अधिक सुविधाजनक, समय की बचत करने वाली और किफायती होगी। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि रामनगर क्षेत्र के लोग कई वर्षों से इस रेल सेवा की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह मांग अब पूरी होने जा रही है और इससे प्रदेश के दोनों मंडलों के बीच संपर्क पहले से अधिक मजबूत होगा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड में रेलवे ढांचे के विस्तार और रेल परियोजनाओं को दी जा रही प्राथमिकता को दिया।

पर्यटन उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

रामनगर देश-विदेश के पर्यटकों के बीच जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक यहां सफारी और वन्यजीव पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। नई रेल सेवा शुरू होने से पर्यटकों को देहरादून से सीधे रामनगर तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा, धार्मिक पर्यटन और प्राकृतिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए भी यह रेल सेवा काफी लाभदायक साबित हो सकती है। राज्य सरकार और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी स्थानीय होटल, परिवहन, व्यापार और रोजगार पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी।

आम लोगों को मिलेगी राहत

नई ट्रेन सेवा केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोजमर्रा के कामों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। रामनगर और आसपास के क्षेत्रों के निवासी अब देहरादून में सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अधिक आसानी से यात्रा कर सकेंगे। वहीं देहरादून और गढ़वाल क्षेत्र के लोगों के लिए भी कुमाऊं तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक सरल होगा। जानकारी के अनुसार इस रेल सेवा का संचालन प्रारंभिक चरण में प्रयोगात्मक आधार पर सप्ताह में दो दिन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या और मांग का आकलन करने के बाद इसके संचालन के दिनों में बढ़ोतरी की जा सकती है। यदि पर्याप्त यात्री मिलते हैं तो भविष्य में यह ट्रेन सप्ताह में चार या पांच दिन तक चलाई जा सकती है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस सेवा को अच्छा प्रतिसाद मिलने पर इसे नियमित रूप से संचालित करने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं।

लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर भी मिली राहत

इसी बीच प्रदेश के लिए एक और राहतभरी खबर सामने आई है। लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर आवश्यक श्रेणी के वाहनों के संचालन को लेकर बनी अनिश्चितता भी काफी हद तक समाप्त हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (CEC) ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त “कमर्शियल वाहन” शब्द का दायरा सभी आवश्यक सेवा वाहनों पर लागू नहीं होगा। इसके बाद सवारी वाहन, सरकारी बसें, जीएमओयू बसें, स्कूल बसें तथा किसानों के ट्रैक्टरों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। इससे इस मार्ग पर आवागमन करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी और परिवहन व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि देहरादून-रामनगर सीधी रेल सेवा और सड़क मार्ग पर मिली राहत का संयुक्त प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक पड़ेगा। बेहतर परिवहन सुविधाओं से पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के लिए आवागमन पहले से अधिक आसान होगा। लंबे समय से लंबित इस रेल सेवा के शुरू होने से उत्तराखंड के परिवहन नेटवर्क को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top