चारधाम समेत कई धार्मिक स्थलों को धमकी, उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के चारधाम और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। धमकी सोशल मीडिया और ई-मेल के माध्यम से मिलने की सूचना के बाद शासन-प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है। चारधाम यात्रा मार्गों, मंदिर परिसरों और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस, गृह विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखने को कहा गया।
धमकी मिलने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने भी सुरक्षा को लेकर सक्रियता दिखाई है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सीएम से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस महानिदेशक से भी संपर्क कर बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जानकारी ली। वर्तमान में चारधाम यात्रा मार्गों पर पुलिस, आईटीबीपी और एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बल लगातार मंदिर परिसरों, पार्किंग क्षेत्रों, प्रवेश द्वारों और यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष जांच अभियान भी चलाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार धमकी भरे संदेश भेजने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे गए संदेशों की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और श्रद्धालुओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। चारधाम यात्रा सहित राज्य के अन्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन की व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब की यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। धार्मिक स्थलों को मिली इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।