केदारनाथ हाईवे पर बड़ा हादसा, 150 मीटर गहरी खाई में गिरी कार..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रफ्तार पकड़ रही है, लेकिन इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर हादसों का सिलसिला भी लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की ओर हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी सड़कों पर बढ़ता दबाव और मौसम की चुनौतियां यात्रियों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। हाल के दिनों में चारधाम यात्रा मार्गों पर कई सड़क हादसे सामने आ चुके हैं। खासतौर पर केदारनाथ हाईवे पर दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कहीं वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर रहे हैं तो कहीं जाम और खराब मौसम यात्रियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। ताजा मामला जवाड़ी पुल के पास सामने आया, जहां केदारनाथ हाईवे पर जवाड़ी पुल के पास एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि कार करीब 150 मीटर नीचे मंदाकिनी नदी तट के पास जा पहुंची। दुर्घटना में कार सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने कठिन रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार दिल्ली नंबर की बलेनो कार केदारनाथ की ओर जा रही थी। इसी दौरान जवाड़ी पुल के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट रतूड़ा को अलर्ट किया गया। उप निरीक्षक संतोष परिहार के नेतृत्व में राहत एवं बचाव टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और डीडीआरएफ की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। खाई बेहद गहरी थी और रास्ता फिसलन भरा होने के साथ अंधेरा भी बढ़ चुका था, जिससे अभियान काफी चुनौतीपूर्ण हो गया। बावजूद इसके जवानों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तेजी से नीचे उतरकर घायलों तक पहुंच बनाई। रेस्क्यू टीम को कार क्षतिग्रस्त हालत में मंदाकिनी नदी के किनारे मिली। कार के अंदर दो लोग घायल अवस्था में फंसे हुए थे और दर्द से कराह रहे थे। गोल्डन ऑवर को ध्यान में रखते हुए जवानों ने बिना समय गंवाए दोनों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को स्ट्रेचर के जरिए खाई से सड़क तक पहुंचाया गया।
घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों लोग दिल्ली निवासी हैं और केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसे के कारणों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। इस बीच हादसे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए। बताया गया कि रेस्क्यू के बाद घायल काफी देर तक सड़क किनारे पड़े रहे, लेकिन समय पर एंबुलेंस मौके तक नहीं पहुंच सकी। स्थिति को देखते हुए आखिरकार आपदा राहत टीम के वाहन से ही दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
चारधाम यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से यात्रियों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने, रात में यात्रा से बचने और मौसम अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है। राज्य सरकार और प्रशासन यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई हैं। इसके बावजूद लगातार सामने आ रहे हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता और बेहतर व्यवस्थाओं की जरूरत है।