चारधाम यात्रा में सुरक्षा कड़ी, रियल टाइम मॉनिटरिंग से नियंत्रित हो रही हेली सेवाएं..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की ओर से 12 और 13 मई के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। खास बात यह है कि इस समय प्रदेश में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और लाखों श्रद्धालु देवभूमि पहुंच रहे हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। गढ़वाल मंडल प्रशासन की ओर से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं। प्रशासन का कहना है कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसलिए श्रद्धालु मौसम अपडेट लेकर ही आगे बढ़ें। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते सावधानी बरतने से यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी से बचाया जा सकता है।
इधर बाबा केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेली सेवाओं पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत कर दिया है। देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (आईसीसीसीसी) लगातार हेली सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। यह आधुनिक नियंत्रण केंद्र खराब मौसम के बीच भी हर हेली उड़ान पर नजर बनाए हुए है। यहां नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और यूकाडा की विशेषज्ञ टीम एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ समन्वय बनाकर हेली सेवाओं को सुरक्षित तरीके से संचालित करने में जुटी है।
हेली रूट्स पर लगे अत्याधुनिक पीटीजेड कैमरों के जरिए हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से प्रत्येक हेली ट्रिप और शटल सेवा को रियल टाइम में मॉनिटर किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था हाई अलर्ट पर रखी गई है। यूकाडा के अनुसार 22 अप्रैल से अब तक 21 हजार से अधिक श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवाओं के जरिए चारधाम यात्रा कर चुके हैं। फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से संचालित शटल सेवाओं के माध्यम से करीब 17 हजार 976 यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए हैं। वहीं चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाओं के जरिए भी हजारों श्रद्धालु धामों तक पहुंच रहे हैं।
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सीएम धामी के निर्देश पर चारधाम हेली यात्रा को तकनीक की मदद से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा और सिरसी में स्थापित कमांड सेंटरों में डीजीसीए और आईएमडी के अधिकारी लगातार तैनात हैं और हर उड़ान की निगरानी की जा रही है। मौसम, विजिबिलिटी और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ही हेली सेवाओं को मंजूरी दी जा रही है। वहीं सीएम धामी ने भी कहा कि सरकार मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि खराब मौसम के कारण यात्रा मार्गों या हेली सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा आती है तो यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से पूरी हो सके। लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने, मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।