Uttarakhand DIPR
खेल

राष्ट्रमंडल खेलों में जाने वाले खिलाड़ियों से बोले मोदी, कोई नहीं टक्कर में, कहां पड़े हो चक्कर में..

राष्ट्रमंडल खेलों में जाने वाले खिलाड़ियों से बोले मोदी, कोई नहीं टक्कर में, कहां पड़े हो चक्कर में..

 

देश – विदेश  :  राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन बर्मिंघम में 28 जुलाई से 8 अगस्त तक होगा। भारत के कुल 215 एथलीट 19 खेलों के 141 स्पर्धाओं में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री ने पहली बार बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से कहा- मैदान बदला है, आपका मिजाज नहीं, आपकी जिद नहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (20 जुलाई) को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें खेलों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों को जमकर खेलने के लिए कहा। पीएम मोदी ने चेस ओलंपियाड और राष्ट्रमंडल खेलों के एक ही समय में आयोजित होने पर कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के पास यह दुनिया पर छा जाने का अवसर है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि समय की कमी के कारण हम आमने-सामने नहीं हो पाए हैं, लेकिन आप जब वहां से लौटेंगे तो हम जरूर मिलेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”मेरे लिए खुशी की बात है कि आप सब से मिलने का मौका मिला। आप में से बहुत से लोग विदेशों में तैयारी कर रहे हैं। मैं भी संसद सत्र में व्यस्त हूं। आज 20 जुलाई है। खेल की दुनिया के लिए यह महत्वपूर्ण दिवस है। आज ‘इंटरनेशनल चेस डे’ है। यह दिलचस्प है कि जिस दिन राष्ट्रमंडल खेल शुरू होंगे उसी दिन तमिलनाडु में चेस ओलंपियाड की शुरुआत होगी। भारत के खिलाड़ियों के पास दुनिया पर छा जाने का सुनहरा अवसर है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा- आप जी भर के खेलिएगा, जमकर खेलिएगा, पूरी ताकत से खेलिएगा और बिना किसी प्रेशर के खेलिएगा। आपने एक कहावत सुनी होगी, ‘कोई नहीं है टक्कर में, कहां पड़े हो चक्कर में।’

‘मैदान बदला है, आपका मिजाज नहीं, आपकी जिद नहीं’..

पीएम मोदी ने कहा, ”आज का ये समय भारतीय खेलों के इतिहास का एक तरह से सबसे महत्वपूर्ण कालखंड है। आज आप जैसे खिलाड़ियों का हौसला भी बुलंद है, ट्रेनिंग भी बेहतर हो रही है और खेल के प्रति देश में माहौल भी जबरदस्त है। आप सभी नए शिखर चढ़ रहे हैं, नए शिखर गढ़ रहे हैं। जो पहली बार बड़े टूर्नामेंट में भाग ले रहे हैं उनसे मैं यह कहना चाहूंगा कि मैदान बदला है, आपका मिजाज नहीं, आपकी जिद नहीं। लक्ष्य वही है कि तिरंगे को लहराता देखना है, राष्ट्रगान की धुन को बजते सुनना है। इसलिए दबाव नहीं लेना है, अच्छे और दमदार खेल से प्रभाव छोड़ना है।”

सबसे पहले अविनाश साब्ले से की बात..

प्रधानमंत्री ने सबसे पहले स्टीपलचेज में भाग लेने वाले अविनाश साब्ले से बात की। साब्ले आर्मी में रह चुके हैं। वह सियाचीन में ड्यूटी कर चुके हैं। पीएम मोदी ने उनकी तारीफ की और उनकी फिटनेस का राज बताने को कहा। साब्ले ने बताया कि उन्होंने 74 किग्रा से 53 किग्रा अपना वजन किया है।

‘शक्ति और शांति का मेल कैसे हुआ..

वेटलिफ्टिंग में भाग लेने वाले अचिता शेउली से पीएम ने पूछा कि शक्ति और शांति का मिश्रण कैसे करते हैं? इस पर शेउली ने कहा कि वह योग से ऐसा कर पाते हैं। पीएम ने उनसे पूछा कि आप ट्रेनिंग के दौरान फिल्म कैसे देखते हैं? इस पर अचिता ने कहा- समय निकालकर फिल्म देख लेता हूं। फिर पीएम ने हंसते हुए कहा कि पदक जीतने के बाद आप फिल्म ही देखेंगे क्या?

सलिमा टेटे और त्रिषा जौली से भी बात की..

पीएम मोदी ने बैडमिंटन खिलाड़ी त्रिषा जौली, हॉकी खिलाड़ी सलिमा टेटे से बात की। सलिमा टेटे उन्होंने हॉकी के प्रति प्रेम को पूछा तो सलिमा ने बताया, ”मेरे पापा भी हॉकी खेलते थे। वह मुझे मैच दिखाने के लिए ले जाते थे। मैंने पिताजी से ही संघर्ष करना सीखा है।” पीएम ने सलिमा से आगे पूछा, ”टोक्यो ओलंपिक का अनुभव कितना फायदा यहां पहुंचाएगा।” इस पर सलिमा ने कहा, ”आपने हमें टोक्यो ओलंपिक से पहले और बाद में मोटिवेट किया था। अब हम आगे भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। टोक्यो का अनुभव टीम के काफी काम आएगा।”

बेकहम से फुटबॉल को लेकर बात की..

डेविड बेकहम से पीएम मोदी ने पूछा, ”आपका नाम तो दुनिया के बड़े फुटबॉलर के नाम पर है। ऐसे में आपको भी तो फुटबॉल खेलने के लिए कहा गया होगा।” इस पर बेकहम ने कहा, ”मेरा मन फुटबॉल खेलने का था, लेकिन अंडमान में उसे लेकर ज्यादा सुविधाएं नहीं थीं। इसलिए मैंने साइकिलिंग चुनी।” इसके बाद पीएम मोदी ने कहा, ”आपके साथी खिलाड़ी का नाम रोनाल्डो है तो दोनों खाली समय में फुटबॉल देखते होंगे?” इस पर बेकहम ने कहा, ”नहीं सर, हमें ट्रेनिंग से समय नहीं मिलता।”

28 जुलाई से बर्मिंघम में होंगे खेल..

राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन बर्मिंघम में 28 जुलाई से 8 अगस्त तक होगा। भारत के कुल 215 एथलीट 19 खेलों के 141 स्पर्धाओं में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री प्रमुख खेल आयोजनों से पहले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए उनसे बात करते हैं। पिछले साल उन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक के लिए भारतीय एथलीटों के साथ-साथ भारतीय पैरा-एथलीटों से भी बातचीत की थी।

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top