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उत्तराखंड

नाबालिक से दुराचार के मामले में युवक को 10साल की सजा..

नाबालिक से दुराचार के मामले में युवक को 10साल की सजा..

उत्तराखंड: नाबालिग  से दुराचार के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह चौहान की अदालत ने अभियुक्त को दस वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2018 का है। चमोली जिले के एक गांव में स्थानीय युवक 16 वर्षीय बालिका को बहला फुसलाकर ले गया। जिसके बाद बालिका के परिजनों ने राजस्व पुलिस को लिखित तहरीर देकर बेटी की खोजबीन की गुहार लगाई। मामले में जिला मजिस्ट्रेट चमोली के आदेश पर मामले की विवेचना रेगुलर पुलिस को सौंप दी गई। मामले की जाँच कर रही उप निरीक्षक प्रेरणा चौधरी ने साक्ष्य एकत्र कर तथा पीड़िता को अभियुक्त के घर से बरामद किया।

 

पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि अभियुक्त उसे प्यार का झांसा देकर बहला फुसला कर अपने साथ दिल्ली ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर दुराचार किया। जिसके फलस्वरूप पीड़िता गर्भवती हो गई। पीड़िता के बयान पर अभियुक्त के खिलाफ पोक्सो सहित अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। इस बीच अभियुक्त ने सजा से बचने के लिए 21 नवम्बर 2019 को पीड़िता से कोर्ट मैरिज भी कर ली। तमाम गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए पोक्सो की विभिन्न धाराओं में दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) अधिवक्ता मोहन पंत ने की।

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