दो क्विंटल फूलों से सजा आदिबद्री मंदिर, कल खुलेंगे कपाट..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल आदिबद्री मंदिर में 14 जनवरी को सुबह साढ़े पांच बजे श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे। मंदिर समिति द्वारा कपाटोद्घाटन के लिए तैयारियों को भव्य रूप दिया गया है और सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यह अवसर मंदिर के लिए न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक आस्था को जीवित रखने का भी प्रतीक माना जा रहा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश बहुगुणा ने कहा कि महाभिषेक समारोह की तैयारियां अंतिम रूप ले चुकी हैं। मंदिर परिसर को दो क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया है, जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य और मनोहारी वातावरण का अनुभव होगा। गढ़वाल राइफल्स कीर्तन मंडप में विशेष व्यास मंच का निर्माण किया गया है, जहाँ समारोह के मुख्य अनुष्ठान संपन्न होंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट महाभिषेक समारोह का शुभारंभ करेंगे। पहले दिन महिला मंगल दल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे, जिसमें पारंपरिक भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुति का समावेश होगा। आयोजकों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्थानीय समाज और युवा पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक चेतना और आस्था को बढ़ावा देने का भी अवसर प्रदान करते हैं।मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय और व्यवस्थाओं का पालन करें, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। समिति का यह भी कहना है कि इस महाभिषेक समारोह में उपस्थित होने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, साफ-सफाई और सभी व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मंदिर प्रशासन का मानना है कि कपाटोद्घाटन और महाभिषेक समारोह से धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, और यह क्षेत्र के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देगा।