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उत्तराखंड

चारधाम यात्रा- एक हफ्ते में 5.18 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन..

चारधाम यात्रा- एक हफ्ते में 5.18 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन..

केदारनाथ के लिए सबसे ज्यादा बुकिंग..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में तीर्थयात्री ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। पर्यटन विभाग से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार चारों धामों के लिए अब तक लाखों श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं, जिससे इस वर्ष यात्रा के दौरान नए रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है। सबसे अधिक पंजीकरण केदारनाथ धाम के लिए हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,73,157 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। वहीं बद्रीनाथ धाम के लिए भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या सामने आई है और यहां के लिए 1,52,478 तीर्थयात्री रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। गंगोत्री धाम के लिए अब तक 97,622 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण कराया है, जबकि यमुनोत्री धाम के लिए 95,606 तीर्थयात्रियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।

चारधाम यात्रा को लेकर लगातार बढ़ रहे पंजीकरण के आंकड़े इस बात का संकेत दे रहे हैं कि इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को भी पार कर सकती है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इधर प्रदेश में मौसम का मिजाज भी बदलता नजर आ रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी है। केदारनाथ धाम में हाल ही में हुई बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश का दौर भी देखा जा रहा है। मौसम में हो रहे इस बदलाव के बावजूद यात्रा तैयारियां लगातार जारी हैं और संबंधित विभाग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

फिलहाल चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। वहीं तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, नया गांव और हरबर्टपुर सहित विभिन्न स्थानों पर कुल 50 केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ऐसे श्रद्धालु भी आसानी से पंजीकरण करा सकेंगे जिनके पास ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है। पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो चारधाम यात्रा के लिए लगभग 70 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया था। हालांकि चारों धामों में वास्तविक रूप से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 49 लाख के आसपास रही थी। यात्रा के दौरान मौसम, स्वास्थ्य संबंधी कारणों और अन्य परिस्थितियों के चलते कई पंजीकृत श्रद्धालु यात्रा पूरी नहीं कर पाए थे।

इस वर्ष भी चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार विशेष तैयारी कर रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी व्यवस्थाओं को समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलता है। यही कारण है कि इस बार यात्रा को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यदि पंजीकरण की वर्तमान रफ्तार इसी तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में राज्य सरकार और पर्यटन विभाग दोनों ही व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपने पवित्र धामों के दर्शन कर सकें।

 

 

 

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