उत्तराखंड

CIFA में आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का अध्ययन..

CIFA में आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का अध्ययन..

उत्तराखंड के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड से ओडिशा के अध्ययन दौरे पर पहुंचे 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय मीठा जल मत्स्य पालन संस्थान (CIFA) का दौरा कर आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान दल ने वैज्ञानिक पद्धतियों, उत्पादन क्षमता और विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार अपनाए जा रहे मॉडल का गहन अध्ययन किया। दौरे का प्रमुख उद्देश्य उत्तराखंड और ओडिशा के मत्स्य पालन मॉडल का तुलनात्मक विश्लेषण करना रहा। जहां ओडिशा में बड़े स्तर पर गर्म पानी आधारित मत्स्य पालन किया जाता है, वहीं उत्तराखंड में ठंडे पानी की मछलियों, खासकर ट्राउट के माध्यम से उच्च गुणवत्ता आधारित उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इस मॉडल को और विकसित कर राज्य को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस अध्ययन यात्रा में पीआईबी देहरादून के नेतृत्व में पहुंचे दल को संस्थान के निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार साहू ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्थान देश में ताजे पानी की मत्स्य पालन तकनीकों के विकास का प्रमुख केंद्र है और यहां विकसित तकनीकों से कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नियंत्रित जल वातावरण में उन्नत तकनीकों के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली मछलियों का पालन किया जा रहा है, जिसे देश के विभिन्न राज्यों में सफलतापूर्वक लागू किया जा सकता है। यह मॉडल उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकता है, जहां प्राकृतिक संसाधनों के अनुसार मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इस अध्ययन दौरे को ज्ञान आदान-प्रदान और नए अवसरों की पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में उत्तराखंड में मत्स्य पालन क्षेत्र को नई गति मिल सकती है।

 

 

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