उत्तराखंड

बद्रीनाथ-केदारनाथ में निर्माण को लेकर नए नियम..

बद्रीनाथ-केदारनाथ में निर्माण को लेकर नए नियम..

मास्टर प्लान से बाहर नहीं होगी अनुमति..

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में निर्माण गतिविधियों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर किसी भी तरह के नए निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा। इसके साथ ही धामों के आसपास चिन्हित फ्रेजाइल और एवलॉन्च प्रॉन क्षेत्रों में भी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट किया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को सुरक्षा तथा पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संवेदनशील क्षेत्रों पर रहेगी खास नजर

बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में आते हैं। यहां भूस्खलन, हिमस्खलन और अन्य प्राकृतिक जोखिमों को ध्यान में रखते हुए निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार की ओर से मास्टर प्लान के दायरे में होने वाले कार्यों को ही आगे बढ़ाने की नीति अपनाई जा रही है, जबकि संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण को रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। सेंट्रल स्ट्रीट के अंतर्गत आने वाले छह भवनों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा सीजन समाप्त होने के बाद इन भवनों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित पक्षों के साथ आवश्यक समझौते की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है।

बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के फेज-1 और फेज-2 के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा हुई। बैठक में निर्माणाधीन अस्पताल की स्थिति की जानकारी लेते हुए इसके संचालन की तैयारियों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि अस्पताल को लगभग 15 दिनों के भीतर शुरू करने की योजना है। मुख्य सचिव ने अस्पताल संचालन से संबंधित सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा संस्कृति मंत्रालय की ओर से कराए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारियों को इन परियोजनाओं की लगातार निगरानी करने और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराने को कहा गया।

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top