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कोरोना फ्री वैक्सीनेशन की कीमत वसूल रहे प्राइवेट अस्पताल..

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कोरोना फ्री वैक्सीनेशन की कीमत वसूल रहे प्राइवेट अस्पताल..

उत्तराखंड: देहरादून में कोरोना टीकाकरण के नाम पर निजी अस्पतालों की मनमानी सामने आई है। आरोप है कि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए टीकों के बदले लोगों से कुछ अस्पतालों ने रुपये वसूल लिए। स्वास्थ्य विभाग ने ग्यारह प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस भेजकर वहां टीकाकरण पर रोक लगा दी। साथ ही दो दिन के भीतर जवाब तलब कर लिया है। इनमें शहर के कई नामी अस्पताल भी शामिल हैं। सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती की ओर से यह नोटिस भेजा गया है।

प्रतिरक्षण अनुभाग से इन प्राइवेट अस्पतालों को कोविशील्ड-कोवैक्सीन उपलब्ध कराई गई थी, ताकि आम लोगों को मुफ्त टीका लगाया जा सके। पर, कुछ अस्पतालों में लोगों से सुविधा शुल्क के नाम पर 300 से 950 रुपये प्रति टीका वसूले गए। इसकी शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 11 निजी अस्पतालों की सेशन साइट बंद कर दी। साथ ही, दो दिन के भीतर निशुल्क टीकाकरण का प्रमाण-पत्र भी तलब कर लिया।

इधर, नुक्कड़-नाटकों से दिखाई मनमानी: निजी अस्पतालों की मनमानी के खिलाफ शुक्रवार को प्रेमनगर और किशननगर क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक हुए। इसके जरिये लोगों को जागरूक किया गया। अभिनव थापर के इस अभियान में नीतीश, साहिल, अभिषेक, मीनाक्षी, करीना और श्यामल शामिल रहे।

मुफ्त है टीका, नहीं ले सकते एक भी रुपया..

इधर, कोविन पोर्टल के जिला प्रभारी डॉ. आदित्य सिंह के अनुसार, जिले में 11 प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना टीकाकरण कराया जा रहा है। मगर, इनमें कुछ अस्पतालों में सुविधा शुल्क के नाम पर लोगों से रुपये वसूलने की शिकायतें मिली थीं। मुफ्त टीका लगाने के लिए लोगों से एक भी रुपया नहीं लिया जा सकता। उन्होंने बताया कि बीपी चेक करने या पंजीकरण या फिर बीमारी का सर्टिफिकेट बनाने का भी पैसा नहीं लिया जा सकता।

आज से खुलेंगे केंद्र सख्त हिदायत भी दी..

डॉ. आदित्य सिंह ने बताया कि 11 में से कुछ अस्पतालों ने नोटिस का जवाब दे दिया है, कई का जवाब आना बाकी है। उन्होंने बताया कि लोगों की परेशानियों को देखते हुए अफसरों ने मंथन किया है। तय किया गया है कि शनिवार से इन अस्पतालों में कोरोना टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन, अब निजी अस्पतालों को सख्त हिदायत दी गई है। यदि किसी की भी फिर शिकायत आई तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

टीकाकरण बंद होने पर बैरंग लौटे लोग बूस्टर डोज के नाम पर भी हुई गड़बड़ी
निजी अस्पतालों में टीकाकरण बंद करने का आदेश गुरुवार को किया गया। इसके चलते शुक्रवार को निजी अस्पतालों में टीकाकरण बंद रहा। यहां पहुंचे लोगों को टीका लगाए बिना ही बैरंग लौटना पड़ा। यही नहीं, स्वास्थ्य विभाग से निजी अस्पताल अपने कर्मचारियों के लिए बूस्टर डोज के नाम पर वैक्सीन ले गए। लेकिन, विभाग को पता चला है कि यह वैक्सीन भी कर्मचारियों की बजाय सामान्य लोगों को दी गई। इसलिए, कर्मचारियों को बूस्टर डोज लगाने का डाटा भी तलब किया गया है।

 

 

 

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