उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में खुलेंगे दो नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार पहाड़ी जिलों में दो नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारियों से भूमि की उपलब्धता को लेकर जानकारी मांगी गई है। जिन जिलों में उपयुक्त जमीन उपलब्ध होगी, वहां मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं और लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
पिरान कलियर में यूनानी चिकित्सालय की जमीन बदलेगी
हरिद्वार जिले के पिरान कलियर क्षेत्र में प्रस्तावित यूनानी चिकित्सालय के निर्माण में जमीन की समस्या सामने आई है। अस्पताल के लिए चिन्हित भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग की जद में आने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अब वैकल्पिक भूमि की तलाश की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक और जिलाधिकारी से भी पत्राचार किया गया है। बैठक में चिकित्सा अधिकारियों से जुड़े सेवा संबंधी मामलों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने वर्ष 2013 और 2015 में नियुक्त एवं विनियमित चिकित्सा अधिकारियों को एसीपी का लाभ एक महीने के भीतर देने के निर्देश दिए। डीएसीपी से संबंधित प्रस्ताव मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्त विभाग को भेजा जा चुका है। जिन अधिकारियों के एसीपी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अभी विभाग को उपलब्ध नहीं हुए हैं, उनसे दस्तावेज प्राप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्राचार करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय ढांचे के पुनर्गठन पर चल रही कार्रवाई
आयुष विभाग के ढांचे के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्ताव पर भी कार्रवाई जारी है। मंत्री के अनुसार प्रस्ताव सदस्य सचिव, विभागीय संरचना एवं वेतन विसंगति को भेजा जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2024 बैच के उन चिकित्सा अधिकारियों के स्थायीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका परिवीक्षा काल मार्च 2026 में पूरा हो चुका है। योग अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी भी की जा रही है। वर्तमान में मिलने वाले 250 रुपये प्रति घंटे के मानदेय को बढ़ाकर 500 रुपये प्रति घंटा करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। वहीं, चमोली जिले के पीपलकोटी में जर्जर आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी है। इसके लिए किराये पर उपयुक्त भवन उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
रुड़की में 15 बेड का आयुष चिकित्सालय प्रस्तावित
हरिद्वार जिले के रुड़की में एलोपैथिक विभाग के नए भवन का निर्माण चल रहा है। पुराने भवन को आयुष विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। भवन मिलने के बाद यहां 15 बेड की क्षमता वाला आयुष चिकित्सालय शुरू किए जाने की योजना है, जिससे स्थानीय लोगों को आयुष चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
मंत्री ने पंचकर्म सहायकों की नियुक्ति और योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायकों की तैनाती की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाओं के साथ ही होम्योपैथिक फार्मेसी में नए पद सृजित करने से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य (एमओसीएच) के मानदेय में संशोधन के लिए पत्रावली आगे बढ़ाने को कहा गया है। आयुर्वेद निदेशालय के निर्माण और विस्तार को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। भवन विस्तार के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग से 2,000 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही हरिद्वार स्थित आयुर्वेद फार्मेसी में औद्योगिक शेड के निर्माण और विस्तार की योजना है। इसके लिए सिडकुल क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराने को लेकर सिडकुल के प्रबंध निदेशक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।