उत्तरकाशी में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.5 रही तीव्रता..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी जिले में शुक्रवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 7 किलोमीटर नीचे बताया गया है। हालांकि, इस भूकंपीय गतिविधि से जिले में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून के अनुसार, जिले की सभी तहसीलों और थाना क्षेत्रों से प्राप्त रिपोर्ट में केवल भटवाड़ी तहसील क्षेत्र में ही लोगों को हल्के झटके महसूस होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र भटवाड़ी क्षेत्र के पिलंग के जंगलों के आसपास बताया गया है। प्रशासन ने कहा कि सभी संबंधित विभागों से स्थिति की जानकारी ली गई है और फिलहाल कहीं से भी किसी नुकसान या अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
क्यों आते हैं भूकंप के झटके?
वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की सतह कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी हुई है, जो लगातार गतिशील रहती हैं। इन प्लेटों के बीच होने वाली हलचल और आपसी टकराव के कारण धरती के अंदर ऊर्जा जमा होती रहती है। जब यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है तो भूकंप के रूप में कंपन महसूस किया जाता है।जहां प्लेटों की गतिविधियां अधिक होती हैं, वे क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। लंबे समय तक दबाव बनने के बाद चट्टानों में हलचल पैदा होती है और ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है।
क्या होता है भूकंप का केंद्र और तीव्रता?
भूकंप का केंद्र (Focus/Hypocenter) धरती के अंदर वह स्थान होता है जहां से भूकंपीय ऊर्जा निकलती है। इसके ठीक ऊपर धरती की सतह पर स्थित स्थान को भूकंप का उपकेंद्र (Epicenter) कहा जाता है। आमतौर पर उपकेंद्र के आसपास कंपन का प्रभाव अधिक महसूस किया जाता है और दूरी बढ़ने के साथ इसका असर कम होता जाता है। भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल या अन्य आधुनिक माप प्रणालियों के माध्यम से दर्ज किया जाता है। कम तीव्रता वाले भूकंप अक्सर बिना नुकसान के गुजर जाते हैं, जबकि अधिक तीव्रता वाले भूकंपों में व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र..
उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील राज्यों में शामिल है। विशेषज्ञ समय-समय पर लोगों को भूकंप के दौरान सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखने और आपदा प्रबंधन के उपायों को अपनाने की सलाह देते हैं। फिलहाल उत्तरकाशी में आए इस भूकंप के बाद स्थिति सामान्य है और प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की आपात स्थिति की जानकारी नहीं दी गई है।