उत्तराखंड में हेली कनेक्टिविटी मजबूत करने की तैयारी, लैंसडाउन-रामनगर-नैनीताल पर फोकस..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम करने की तैयारी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की प्रस्तावित योजना के तहत राज्य के कई पर्यटन और पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए लैंसडाउन, रामनगर और नैनीताल में आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने के साथ ही अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में नए हेलीपोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और यूकाडा के अधिकारियों ने राज्य में विमानन सेवाओं के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कहा गया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत देशभर में 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें उत्तराखंड भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने राज्य के लिए विमानन विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। प्रस्तावित योजना के अनुसार अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और श्रीनगर में नए हेलीपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जिससे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक हवाई पहुंच आसान होगी। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में हेलीकॉप्टर संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक मौसम निगरानी प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। समीक्षा में वर्ष 2026 की चारधाम हेली सेवा के पहले चरण का भी आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पहला चरण 19 अप्रैल से 26 जून तक सफलतापूर्वक संचालित रहा, जबकि दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस बीच के समय का उपयोग सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत करने तथा आवश्यक अवसंरचना तैयार करने में किया जाएगा। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अगले चरण के संचालन से पहले सभी सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि हेली सेवाओं का संचालन सुरक्षित और सुचारु रूप से किया जा सके।