उत्तराखंड

मत्स्य और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम..

मत्स्य और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार प्रदेश के किसानों, पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाओं को जमीन पर उतार रही है। इसी दिशा में गुरुवार को आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में सीएम धामी ने पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों से सीधे संवाद किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के अनुभव सुने। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री गोकुल एंब्रियो ट्रांसफर योजना” के तहत विशेष वाहन और “मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना” के अंतर्गत रेफ्रिजरेटेड वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार का उद्देश्य पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय में बढ़ोतरी करना है।

संवाद कार्यक्रम में शामिल लाभार्थियों ने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली है। कई किसानों ने कहा कि योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता, प्रशिक्षण और संसाधनों ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार केवल योजनाएं शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ रही है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। सीएम ने कहा कि राज्य के किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को रोजगार के अधिक अवसर मिलें और उन्हें हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट फिशिंग कभी बड़ी चुनौती मानी जाती थी, लेकिन अब इस क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

कार्यक्रम में मौजूद कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि नवंबर 2023 में शुरू की गई “गोट वैली योजना” को प्रदेश में अच्छा प्रतिसाद मिला है। योजना के तहत अब तक 5827 लाभार्थियों को जोड़ा जा चुका है और 90 हजार से अधिक बकरियों का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। प्रदेश सरकार की इन पहलों को किसानों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाई जा सकती है।

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top