हरिद्वार-ऋषिकेश में आज से बनेंगे वाहनों के ग्रीन कार्ड..
यात्रा वाहनों की होगी सख्त जांच..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। यात्रा सीजन की तैयारियों के बीच आज से हरिद्वार और ऋषिकेश में वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए लागू की गई है, जो चारधाम यात्रा मार्ग पर संचालित होते हैं। हरिद्वार स्थित एआरटीओ कार्यालय में प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा द्वारा ग्रीन कार्ड प्रणाली का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर परिवहन विभाग के अधिकारी और संबंधित कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे। वहीं ऋषिकेश में इस प्रक्रिया की शुरुआत पूजा-अर्चना के बाद वाहन स्वामियों को ग्रीन कार्ड वितरित किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे यात्रा की शुरुआत शुभ माहौल में होगी और व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।
ऋषिकेश एआरटीओ (प्रशासन) रावत सिंह कटारिया ने जानकारी देते हुए कहा कि ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए वाहन स्वामियों को पहले निर्धारित शुल्क ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा करना होगा। इसके बाद ही उन्हें परिवहन कार्यालय से ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना ग्रीन कार्ड के किसी भी व्यावसायिक वाहन को चारधाम यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्रीन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पहले 23 मार्च से शुरू होनी थी, लेकिन पोर्टल में आई कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब उत्तराखंड एनआईसी (परिवहन) की तकनीकी टीम द्वारा पोर्टल का सफल परीक्षण और सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इस प्रक्रिया में सीनियर डायरेक्टर आईटी हिमांशु कुमार और संयुक्त निदेशक आईटी रमन पुंडीर की अहम भूमिका रही, जिनकी निगरानी में पोर्टल को पूरी तरह तैयार किया गया।
ग्रीन कार्ड प्रणाली के तहत वाहनों की तकनीकी स्थिति, फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी मजबूत होगी। इसके साथ ही प्रशासन को यह भी जानकारी रहेगी कि कितने वाहन किस समय यात्रा मार्ग पर संचालित हो रहे हैं, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकेगा। परिवहन विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था से चारधाम यात्रा में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिलेगा। साथ ही अनियमित और बिना अनुमति चलने वाले वाहनों पर भी सख्ती से रोक लगाई जा सकेगी। चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, ऐसे में इस तरह की डिजिटल और व्यवस्थित पहलें यात्रा प्रबंधन को आधुनिक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।