उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा, चार वाहनों की टक्कर से लगी आग, महिला की मौत, 15 घायल..
उत्तराखंड: देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने अफरा-तफरी मचा दी। मोतीचूर फ्लाईओवर पर तेज रफ्तार से गुजर रहे चार वाहन आपस में टकरा गए, जिसके बाद कई वाहनों में आग लग गई। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें उठने लगीं और पूरा इलाका धुएं से भर गया। हादसे में एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 15 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक वाहन का सीएनजी सिलेंडर फट गया, जिसके बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही मिनटों में आग ने पास खड़े अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना के बाद फ्लाईओवर पर चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अधिकारियों के मुताबिक आग बुझाने में काफी समय लगा क्योंकि हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया था। जाम के चलते कुछ दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, हालांकि बाद में अतिरिक्त टीमें पहुंचने पर राहत कार्यों में तेजी आई। हादसे के कारण फ्लाईओवर के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बनी रही। मौके पर बड़ी संख्या में एंबुलेंस तैनात की गईं और घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में एक ट्रक, एक डंपर, एक एसयूवी कार और एक बस शामिल थे। टक्कर के बाद लगी आग में एक यात्री बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। बस में सवार यात्रियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने महिला की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों का इलाज जारी है और कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी और मानवीय दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरे को उजागर कर दिया हैं।