Uttarakhand DIPR
उत्तराखंड

शिकायतों के समाधान के बाद यूपीसीएल ने दोबारा शुरू किया स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन..

शिकायतों के समाधान के बाद यूपीसीएल ने दोबारा शुरू किया स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन..

 

 

 

उत्तराखंड: प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया एक बार फिर तेजी से शुरू कर दी गई है। कुछ दिनों की रोक के बाद उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने पूरे राज्य में स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन का कार्य पुनः शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह आदेश यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एम.आर. आर्य ने जारी किए, जिसके बाद विभाग की सभी यूनिटों को इंस्टॉलेशन कार्य शुरू करने के लिए कहा गया है। यूपीसीएल ने हाल ही में उपभोक्ताओं से बड़ी संख्या में मिली शिकायतों जैसे गलत बिल, रीडिंग में त्रुटि, मीटर से जुड़ी तकनीकी परेशानी और बिलिंग प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों को देखते हुए स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया था। विभाग का कहना था कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान किए बिना नई इंस्टॉलेशन प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। इसी उद्देश्य से यूपीसीएल ने पिछले दिनों प्रदेशभर में मेगा शिकायत निवारण कैंप आयोजित किए थे। इन कैंपों में उपभोक्ताओं की मीटर व बिजली संबंधी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने इन कैंपों में पहुंचकर बिलिंग सुधार, रीडिंग अपडेट और तकनीकी गड़बड़ियों का समाधान कराया। विभाग का दावा है कि अधिकांश शिकायतों को निपटाकर उपभोक्ताओं को राहत दी गई है।

शिकायतों के निवारण के बाद अब यूपीसीएल ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पुनः आरंभ कर दी है। विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा, पारदर्शी बिलिंग, रियल टाइम रीडिंग और ऊर्जा खपत की सटीक जानकारी प्रदान करेंगे। वहीं बिजली चोरी और तकनीकी लाइन लॉस पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी। स्मार्ट मीटर परियोजना के फिर से शुरू होने के साथ ही यूपीसीएल क्षेत्रीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दे रहा है कि इंस्टॉलेशन के दौरान उपभोक्ताओं की सभी चिंताओं का मौके पर समाधान किया जाए और किसी भी प्रकार की बिलिंग गड़बड़ी न हो। विभाग ने यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि भविष्य में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं को परेशानी न उठानी पड़े। स्मार्ट मीटर लगाने का काम अगले कुछ दिनों में और अधिक तेज गति से आगे बढ़ेगा। विभाग का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकतर उपभोक्ताओं को आधुनिक मीटरिंग सिस्टम से जोड़कर बिजली सेवाओं को पूरी तरह डिजिटाइज़ किया जा सके।

 

 

 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top