उत्तराखंड

मेडिकल शिक्षा को मजबूती, दून और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती..

मेडिकल शिक्षा को मजबूती, दून और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती..

 

 

 

 

उत्तराखंड: राज्य सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून और पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर के विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत दोनों मेडिकल कॉलेजों में करीब एक दर्जन विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से चली आ रही संकाय सदस्यों की कमी दूर होने की उम्मीद है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से न केवल अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी, बल्कि मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भी उच्च गुणवत्ता का शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई है, जिसका सीधा असर मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।

इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है, ताकि मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक मानकों को मजबूत किया जा सके। दून मेडिकल कॉलेज और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज राज्य के प्रमुख चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से इन संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और विभागीय सेवाओं में भी सुधार देखने को मिलेगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी इसी तरह की नियुक्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में चिकित्सा शिक्षा विभाग लगातार कदम उठा रहा है। इसी क्रम में राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के चयन के लिए सरकार ने हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में एक विशेष साक्षात्कार समिति का गठन किया है। यह समिति वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से योग्य विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन कर रही है। हाल ही में इसी चयन प्रक्रिया के तहत 12 विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन किया गया है, जिनकी नियुक्ति को राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

चयनित चिकित्सकों में से आठ विशेषज्ञों को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में तैनाती दी जाएगी, जबकि चार विशेषज्ञ चिकित्सकों को पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर में नियुक्त किया जाएगा। इन नियुक्तियों से दोनों संस्थानों में लंबे समय से चली आ रही विशेषज्ञ संकाय की कमी दूर होने की उम्मीद है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से न केवल मेडिकल कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि छात्रों को बेहतर क्लीनिकल प्रशिक्षण भी मिलेगा। इसके साथ ही संबंधित अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को भी विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून और पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर के विभिन्न विभागों के लिए कुल 12 विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन किया गया है। दून मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस विभाग के प्रोफेसर पद के लिए डॉ. ब्रजेंद्र नाथ त्रिपाठी का चयन किया गया है। वहीं अन्य विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में माइक्रोबायोलॉजी में डॉ. मनीष कुमार, ब्लड बैंक में डॉ. सनोबर शमीम, आर्थोपेडिक्स में डॉ. मयंक सिंघल, एंटीनेटल चाइल्ड केयर में डॉ. सारा गुलेरिया, मैटरनिटी एवं चाइल्ड हेल्थ केयर में डॉ. रूचि कर्नाटक तथा एनेस्थिसिया विभाग में डॉ. पूजा सांगोले और डॉ. इशिता बहुखंडी को चुना गया है।

इसी तरह पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर में भी विभिन्न विभागों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर पर विशेषज्ञों का चयन किया गया है। इनमें ऑब्स एंड गायनी विभाग में डॉ. प्रेरणा छाबड़ा, ईएनटी विभाग में डॉ. ललित सिंह पोखरिया, माइक्रोबायोलॉजी में डॉ. मयूरी श्रीवास्तव और त्वचा रोग (स्किन) विभाग में डॉ. चिराग सैनी शामिल हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक व क्लीनिकल प्रशिक्षण मिल सकेगा। इसके साथ ही अस्पतालों में मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार द्वारा चयनित सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति संविदा के आधार पर की गई है। यह नियुक्तियां अधिकतम तीन वर्षों की अवधि अथवा संबंधित पदों पर नियमित भर्ती होने तक जो भी पहले हो के लिए प्रभावी रहेंगी। सरकार के इस निर्णय से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय शिक्षण के साथ-साथ बेहतर प्रायोगिक और क्लीनिकल प्रशिक्षण प्राप्त होगा। इसके अलावा अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को भी अनुभवी विशेषज्ञों की सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून और पंडित रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर में कुल 12 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि संकाय सदस्यों की संख्या बढ़ने से न केवल शिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि मेडिकल कॉलेजों में शोध कार्यों और क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के स्तर को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि मेडिकल कॉलेजों में संसाधनों और मानवबल की कमी को दूर किया जा सके।

 

 

 

 

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