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उत्तराखंड

मंत्रियों को बड़ी राहत, यात्रा भत्ते में 30 हजार रुपये की बढ़ोतरी, आदेश जारी..

मंत्रियों को बड़ी राहत, यात्रा भत्ते में 30 हजार रुपये की बढ़ोतरी, आदेश जारी..

 

 

 

 

 

उत्तराखंड: प्रदेश सरकार ने मंत्रियों को मिलने वाले यात्रा भत्ते में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। प्रशासनिक कार्यों के दौरान लगातार बढ़ रही यात्रा आवश्यकताओं और खर्चों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इस संबंध में शासन स्तर से औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके बाद नया प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नई व्यवस्था के तहत अब मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री एवं उप मंत्री को भारत के भीतर आधिकारिक यात्राओं के लिए प्रति माह अधिकतम 90 हजार रुपये तक का यात्रा भत्ता प्रदान किया जाएगा। इससे पहले यह सीमा 60 हजार रुपये निर्धारित थी। यानी मंत्रियों के यात्रा भत्ते में 30 हजार रुपये की सीधी बढ़ोतरी की गई है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सचिव शैलेश बगौली के निर्देश पर मंत्रिपरिषद अनुभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। यात्रा भत्ता बढ़ाने के लिए मौजूदा नियमों में आवश्यक संशोधन किया गया है, ताकि इसे कानूनी और प्रशासनिक आधार मिल सके।

नियमावली में किया गया संशोधन..

मंत्रियों के यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी के लिए उत्तर प्रदेश मंत्री (यात्रा भत्ता) नियमावली, 1997 में संशोधन किया गया है। संशोधित प्रावधानों को अब उत्तर प्रदेश मंत्री (यात्रा भत्ता) (संशोधन) नियमावली, 2026 के रूप में लागू किया गया है। इस संशोधन के अंतर्गत नियम संख्या चार में बदलाव करते हुए मंत्रियों को मिलने वाले यात्रा भत्ते की अधिकतम सीमा को बढ़ाया गया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार मंत्रियों को विभिन्न जिलों, मंडलों और दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित रूप से दौरे करने पड़ते हैं। ऐसे में मौजूदा यात्रा भत्ता वास्तविक खर्चों की तुलना में अपर्याप्त हो रहा था। इसी को देखते हुए सरकार ने नियमों में संशोधन कर नई सीमा तय की है। बता दे कि इससे पहले वर्ष 2024 में राज्य सरकार द्वारा विधायकों के वेतन और भत्तों में भी वृद्धि की गई थी।

अब मंत्रियों के यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी को उसी क्रम का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि यात्रा भत्ते की सीमा बढ़ने से मंत्रियों को क्षेत्रीय भ्रमण, समीक्षा बैठकों, विकास कार्यों के निरीक्षण और जनसंपर्क कार्यक्रमों के दौरान होने वाले खर्चों की भरपाई में सुविधा मिलेगी। इससे प्रशासनिक कार्यों की गति और प्रभावशीलता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। हालांकि, विपक्ष की ओर से इस निर्णय को लेकर सवाल उठाए जाने की भी संभावना है, खासकर ऐसे समय में जब आम जनता महंगाई और आर्थिक दबाव का सामना कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।

 

 

 

 

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