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उत्तराखंड

मौसम सुधरते ही फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा, श्रद्धालु आज से करा सकते हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन..

मौसम सुधरते ही फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा, श्रद्धालु आज से करा सकते हैं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड शासन ने शनिवार से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा पुनः बहाल करने का ऐलान कर दिया है। लगातार खराब मौसम और मार्गों के क्षतिग्रस्त होने के कारण बीते कुछ दिनों से यात्रा रोक दी गई थी। अब मौसम साफ होने और रास्तों के दुरुस्त हो जाने के बाद यात्रियों को धामों की ओर जाने की अनुमति दी गई है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने जानकारी दी कि आज से दोनों धामों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी शुरू कर दिए गए हैं। इससे श्रद्धालु अब आसानी से पंजीकरण कर यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों ने लगातार प्रयास कर क्षतिग्रस्त मार्गों को दुरुस्त किया।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही यात्रा बहाल करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना हैं कि मार्गों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन दल और मेडिकल टीमें भी लगातार निगरानी में रहेंगे। फिलहाल श्रद्धालुओं को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए इंतजार करना होगा। लगातार बारिश और भूस्खलन से दोनों धामों के मार्ग अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही रास्ते पूरी तरह दुरुस्त होंगे और मौसम सामान्य रहेगा, इन दोनों धामों की यात्रा भी शुरू कर दी जाएगी। यात्रा दोबारा शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। दूर-दराज से पहुंचे कई यात्रियों ने का कहना हैं कि वे दर्शन के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

अब यात्रा शुरू होने से हजारों श्रद्धालु केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। बता दे कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत बड़ा है। हर साल लाखों श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह यात्रा प्रदेश की आस्था से जुड़ी होने के साथ-साथ पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम है। प्रदेश सरकार और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। धामों के मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों के लिए स्वास्थ्य शिविर, आपदा नियंत्रण केंद्र और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।

 

 

 

 

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