उत्तराखंड

उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम, रूद्रपुर व पिथौरागढ़ अस्पताल चिकित्सा शिक्षा विभाग को ट्रांसफर..

उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम, रूद्रपुर व पिथौरागढ़ अस्पताल चिकित्सा शिक्षा विभाग को ट्रांसफर..

 

 

 

उत्तराखंड: प्रदेश में आवासीय निर्माण, सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए खनन सामग्री की मांग लगातार बनी रहती है। इस आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार ने खनन व्यवस्था को इस तरह व्यवस्थित किया है कि विकास कार्य बाधित न हों और पर्यावरण संरक्षण के मानकों का भी पूरी तरह पालन किया जा सके। सरकार ने खनन को लेकर एक पारदर्शी और तकनीक आधारित तंत्र विकसित किया है, जिससे खनन गतिविधियों पर निगरानी आसान हुई है और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सका है। खनन प्रक्रिया को स्पष्ट नियमों के दायरे में लाने से न केवल व्यवस्था में सुधार आया है, बल्कि आम लोगों और निर्माण एजेंसियों को भी तय समय पर वैध खनन सामग्री उपलब्ध हो रही है। इन सुधारों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं।

पारदर्शिता और सख्ती के चलते प्रदेश के खनन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ा हुआ राजस्व राज्य सरकार के लिए अतिरिक्त संसाधन के रूप में सामने आया है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन और विस्तार में किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। इसी सोच के साथ खनन को नियंत्रित और नियोजित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी जा सके। प्रदेश सरकार के अनुसार आने वाले समय में खनन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे विकास कार्यों की गति बनी रहे और जनता को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलता रहे।

उत्तराखंड में रुद्रपुर और पिथौरागढ़ के राजकीय मेडिकल कॉलेजों के संचालन को लेकर राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है। अब तक ये अस्पताल चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित होते थे, लेकिन अब इन्हें चिकित्सा शिक्षा विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ट्रांसफर के बाद अस्पतालों का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य/निदेशक के अधीन होगा। एमसीआई (Medical Council of India) के मानकों के अनुसार आवश्यक उपकरणों और औषधियों की व्यवस्था भी चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा की जाएगी।

इन अस्पतालों में काम कर रहे स्टाफ का वेतन पहले वर्ष तक वर्तमान व्यवस्था के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रहेगा। इसके बाद, इन चिकित्सा इकाइयों का पूर्ण संचालन और प्रबंधन पूरी तरह से चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा। मुख्य उद्देश्य यह है कि जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में विकसित किया जाए, जिससे रुद्रपुर और पिथौरागढ़ के मेडिकल छात्रों को प्रशिक्षण में सुविधा मिले। इसके साथ ही स्थानीय जनता को भी उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार इस कदम से न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं का समन्वय प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

 

 

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