उत्तराखंड के विकास का रोडमैप तैयार..
सितंबर में सामने आएगा विजन डॉक्यूमेंट 2047..
उत्तराखंड: उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से सेतु आयोग तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट को सितंबर के पहले सप्ताह में पेश करेगा। दस्तावेज में राज्य के संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ विकास की दीर्घकालिक रणनीति और प्राथमिकताओं का खाका तैयार किया गया है। विजन डॉक्यूमेंट में विकास से जुड़े पांच प्रमुख क्षेत्रों को केंद्र में रखा गया है। इनमें अर्थव्यवस्था एवं कौशल विकास, अवसंरचना एवं कल्याण, शहरी एवं उप-शहरी विकास, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन तथा डेटा एनालिटिक्स शामिल हैं। रिपोर्ट तैयार करने से पहले इन क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ-साथ आम लोगों से भी सुझाव लिए गए हैं।
सेतु आयोग के सलाहकार दिनेश अग्रवाल ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि दस्तावेज में प्रदेश के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों को विकास की समान संभावनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। उनका कहना है कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास की ऐसी रणनीति तैयार की गई है, जिससे सभी क्षेत्रों को लाभ मिल सके। अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय गांवों में मजबूत स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की पहुंच बढ़ाना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाओं के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने पर ही पलायन की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।
आयोग के अनुसार, विजन डॉक्यूमेंट में तय लक्ष्यों और रणनीतियों के आधार पर योजनाओं को आगे बढ़ाने से राज्य के विकास को नई दिशा मिल सकती है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है। प्रेसवार्ता में निदेशक नियोजन मनोज पंत, विशेषज्ञ विशाल पराशर और हनुमंत रावत भी मौजूद रहे।