देहरादून में निवेश और रोजगार बढ़ाने की तैयारी..
बालावाला में बनेगा बिजनेस पार्क..
उत्तराखंड: राजधानी देहरादून के बालावाला क्षेत्र में वर्षों से अनुपयोगी पड़ी घोड़ा फैक्ट्री की जमीन को अब औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी है। राज्य सरकार इस भूमि पर आईटी पार्क या बिजनेस पार्क विकसित करने की संभावनाएं तलाश रही है। इसके लिए बंगाल इम्युनिटी लिमिटेड की करीब 35.7 एकड़ जमीन उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भूमि हस्तांतरण के संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। इसके बाद केंद्रीय स्तर पर संबंधित विभाग को प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल भूमि हस्तांतरण और परियोजना की मंजूरी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
बंद पड़ी जमीन को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी
बालावाला स्थित यह औद्योगिक इकाई लंबे समय से बंद है। कंपनी की वित्तीय देनदारियों और दिवालिया प्रक्रिया के कारण जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। अब सरकार इस अनुपयोगी परिसंपत्ति को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। प्रस्तावित योजना के तहत यहां आईटी पार्क या बिजनेस पार्क बनाया जा सकता है। हालांकि, परियोजना का अंतिम स्वरूप, इसमें स्थापित होने वाली कंपनियों की संख्या और विकास की समयसीमा अभी तय नहीं हुई है। इन पहलुओं पर आगे की योजना और संबंधित मंजूरियों के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के खुल सकते हैं रास्ते
सरकार की योजना है कि इस जमीन का उपयोग ऐसे औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र के विकास में किया जाए, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। यदि परियोजना को स्वीकृति मिलती है और इसे धरातल पर उतारा जाता है, तो आईटी, कारोबार और उनसे जुड़ी सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, संभावित रोजगार की वास्तविक संख्या परियोजना के स्वरूप, निवेश और यहां स्थापित होने वाली इकाइयों पर निर्भर करेगी।
बेहतर सड़क संपर्क की भी बनाई जा रही योजना
प्रस्तावित पार्क तक पहुंच आसान बनाने के लिए कनेक्टिविटी सुधारने पर भी विचार किया जा रहा है। उद्योग विभाग के अनुसार, सोंग नदी पर प्रस्तावित लच्छीवाला-थानो फोरलेन एलिवेटेड मार्ग को इस क्षेत्र से जोड़ने की योजना है। इस संबंध में सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) से जुड़े शुरुआती कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। योजना का उद्देश्य प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराना है, ताकि भविष्य में यहां व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार आसान हो सके।
केंद्र की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी परियोजना
बालावाला की करीब 35.7 एकड़ जमीन का इस्तेमाल औद्योगिक विकास के लिए करने की योजना को राजधानी में निवेश की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी जमीन का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। हालांकि, परियोजना के निर्माण और संचालन की दिशा में आगे बढ़ने से पहले भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी मिलना जरूरी है। केंद्र की स्वीकृति और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यहां आईटी पार्क विकसित किया जाएगा या बिजनेस पार्क।

