नरेंद्रनगर में 1.38 करोड़ से बनेगी नई पार्किंग, जाम की समस्या से मिलेगी राहत..
उत्तराखंड: टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। शहर में प्रस्तावित पार्किंग निर्माण के लिए 1.38 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सचिवालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े बजट और अन्य औपचारिकताओं की समीक्षा करते हुए वित्त विभाग से धनराशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। इस परियोजना के पूरा होने से नरेंद्रनगर में स्थानीय लोगों के साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों और अन्य यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल वाहनों की बढ़ती संख्या और सीमित पार्किंग सुविधाओं के कारण सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी होने से यातायात प्रभावित होने की समस्या सामने आती रही है। नई पार्किंग बनने से वाहनों को व्यवस्थित ढंग से खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
नरेंद्रनगर में पार्किंग निर्माण की योजना सीएम पुष्कर सिंह धामी की वर्ष 2021 की घोषणा से जुड़ी है। इसके तहत मोटरनाला और पुलिस थाने के समीप पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। अब इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर काम किया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों की सीमित चौड़ाई और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण पार्किंग की समस्या यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। नरेंद्रनगर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस समस्या का समाधान स्थानीय जरूरतों के साथ पर्यटन गतिविधियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। सरकार की ओर से सीएम की घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पार्किंग परियोजना के लिए बजट उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां तेज की गई हैं।
138.20 लाख रुपये की परियोजना, डीपीआर स्वीकृत..
पार्किंग निर्माण परियोजना की कुल लागत 138.20 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जो करीब 1.38 करोड़ रुपये होती है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब निर्माण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक धनराशि जारी किए जाने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है। आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में विभागीय वित्त समिति ने परियोजना से संबंधित दस्तावेजों, बजट और अन्य आवश्यक पहलुओं की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वित्त विभाग से धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू करने की कार्रवाई में देरी न की जाए। परियोजना के लिए बजट जारी होने के बाद निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने की निश्चित तारीख और पार्किंग के तैयार होने की समयसीमा को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
निर्माण की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष ध्यान
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पार्किंग निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि बजट और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण काम प्रभावित न हो। परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई। पार्किंग जैसी सार्वजनिक सुविधा का निर्माण केवल वाहनों को खड़ा करने की जगह उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे यातायात प्रबंधन और स्थानीय आवागमन को भी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा।
नरेंद्रनगर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था होने से बाजार आने वाले लोगों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में पार्किंग की कमी के चलते सड़क किनारे वाहन खड़े होने से कई बार यातायात प्रभावित होता है। व्यवस्थित पार्किंग उपलब्ध होने पर इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। पर्यटन सीजन के दौरान वाहनों की आवाजाही बढ़ने से पार्किंग की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में नई सुविधा बनने से यात्रियों को वाहन खड़ा करने के लिए जगह तलाशने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है। साथ ही सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों की संख्या घटने से आवागमन को सुचारु बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। स्थानीय बाजार में आने वाले लोगों के लिए बेहतर पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध होने से व्यापारिक गतिविधियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर पार्किंग की क्षमता, संचालन व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के साथ समन्वय पर निर्भर करेगा।
नरेंद्रनगर की प्रस्तावित पार्किंग परियोजना की डीपीआर स्वीकृत होने के बाद अब मुख्य रूप से धनराशि जारी होने और निर्माण कार्य शुरू होने की प्रक्रिया पर नजर है। विभागीय वित्त समिति की समीक्षा के बाद अधिकारियों को बजट से संबंधित कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग से धनराशि उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता साफ हो सकेगा। परियोजना पूरी होने पर नरेंद्रनगर में पार्किंग सुविधाओं का विस्तार होगा और लंबे समय से महसूस की जा रही जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी। अब देखना होगा कि बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य कितनी जल्दी शुरू होता है और इसे निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जा पाता है या नहीं।

