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नेपाल त्रासदी- 626 की मौत और 2,482 से ज्यादा लापता..

नेपाल त्रासदी- 626 की मौत और 2,482 से ज्यादा लापता..

 

 

 

देश-विदेश: नेपाल और तिब्बत से लगे इलाकों में आई भीषण बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है। भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद कई क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आपदा में अब तक कम से कम 626 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 2,482 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत ने नेपाल के राहत और बचाव अभियान में मदद बढ़ा दी है। भारतीय वायुसेना ने प्रभावित इलाकों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के लिए मानवीय सहायता अभियान शुरू किया है।

10 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा C-130J
भारतीय वायुसेना का C-130J विमान करीब 10 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा है। राहत सामग्री में दवाइयां, खाद्य सामग्री और आपदा प्रभावित लोगों के लिए जरूरी अन्य सामान शामिल है। आने वाले दिनों में राहत अभियान का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए C-17 ग्लोबमास्टर के अलावा अतिरिक्त C-130 विमानों को भी अभियान में शामिल किए जाने की योजना है।

मेडिकल और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ नेपाल पहुंचे
नेपाल में राहत और बचाव कार्यों को तकनीकी सहयोग देने के लिए भारत ने 11 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम भेजी है। इस दल में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ टनल रेस्क्यू में प्रशिक्षित कर्मी भी शामिल हैं। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भेजी गई यह टीम उन क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की मदद करेगी, जहां बाढ़ और भूस्खलन के चलते राहत एवं बचाव कार्य मुश्किल बने हुए हैं। नेपाल सरकार ने भी प्रभावित क्षेत्रों में अपने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने पर जोर दिया है। दुर्गम इलाकों की भौगोलिक परिस्थितियों से परिचित होने के कारण स्थानीय सुरक्षा बलों को राहत अभियान में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से कई स्थानों पर सड़कें और परिवहन मार्ग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में नेपाल ने प्रभावित क्षेत्रों को फिर से जोड़ने के लिए भारत और चीन से 42 बेली ब्रिज उपलब्ध कराने में सहयोग मांगा है। बेली ब्रिज को अपेक्षाकृत कम समय में तैयार किया जा सकता है। यही वजह है कि आपदा प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में इनका इस्तेमाल परिवहन व्यवस्था बहाल करने के लिए किया जा सकता है।

नेपाल से 84 भारतीय नागरिक सुरक्षित निकाले गए
आपदा के बीच भारतीय नागरिकों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में फंसे कम से कम 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें त्रिशूली-1 परियोजना से जुड़े 63 कर्मचारी और तमिलनाडु से नेपाल पहुंचे 21 तीर्थयात्री शामिल हैं। 21 तीर्थयात्रियों को शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र से निकालकर काठमांडू लाया गया, जहां से वे आगे दिल्ली पहुंच गए। इसके अलावा 149 भारतीय नागरिक तिब्बत से नेपाल की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। करीब 400 अन्य भारतीयों के चीन की सीमा की ओर सुरक्षित होने की जानकारी भी सामने आई है।

320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। इससे पहले यह संख्या 290 बताई गई थी। इसके अलावा भारतीय मूल के लगभग 100 ऐसे लोगों से भी संपर्क नहीं हो सका है, जिनके पास अन्य देशों की नागरिकता है। विदेश मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं। सरकार के मुताबिक, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हालात लगातार बदल रहे हैं और खोज एवं बचाव अभियान जारी है। शुक्रवार शाम तक नेपाल में किसी भारतीय नागरिक की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

 

 

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