फरवरी के दूसरे सप्ताह में नेशनल विंटर गेम्स के साथ होगा औली कार्निवल..
उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड का प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थल औली इन दिनों बर्फ से लकदक है और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ स्की प्रेमियों की पहली पसंद बना हुआ है। लगातार हो रही बर्फबारी के चलते औली का तापमान माइनस पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि यहां स्थित कृत्रिम झील भी पूरी तरह जम चुकी है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों और घाटियों ने औली को किसी विंटर पोस्टकार्ड जैसा रूप दे दिया है। पर्यटन विभाग के अनुसार औली की दक्षिणमुखी ढलानों पर पर्याप्त बर्फ उपलब्ध होने के चलते यहां बड़े स्तर पर शीतकालीन खेल आयोजनों की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने औली में नेशनल विंटर गेम्स के साथ-साथ औली कार्निवल के आयोजन की रणनीति तैयार की है।
इन दोनों आयोजनों को एक साथ कराने पर सहमति बन गई है, जिससे खेल और पर्यटन दोनों को एक साथ बढ़ावा मिल सके। पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल की अध्यक्षता में राजधानी देहरादून में इस संबंध में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन), पर्यटन विभाग और विंटर गेम्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि औली में नेशनल विंटर गेम्स और औली कार्निवल का आयोजन फरवरी के दूसरे सप्ताह में किया जाएगा। आयोजन की अंतिम तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
बैठक में विंटर गेम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास, सचिव राकेश रंजन और स्की कोच अजय भट्ट ने सुझाव दिया कि नेशनल विंटर गेम्स का आयोजन फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही किया जाए, ताकि देश के विभिन्न राज्यों से आने वाली स्की टीमों को तैयारी और यात्रा के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इसके साथ ही संबंधित राज्य फेडरेशनों को समय रहते सूचना देने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि औली कार्निवल के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की पूरी योजना तैयार है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्थानीय व्यंजनों, साहसिक गतिविधियों और बर्फीले खेलों के जरिए औली को शीतकालीन पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जीएमवीएन और पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया कि कार्निवल के आयोजन को लेकर विभाग पूरी तरह तैयार है।
पर्यटन सचिव ने कहा कि नंदा देवी स्की स्लोप में नेशनल विंटर गेम्स के लिए पर्याप्त बर्फ उपलब्ध है और प्रतियोगिताओं के आयोजन में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि औली कार्निवल और नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप को भव्य और यादगार बनाने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। बताया गया कि जल्द ही औली में तैयारियों की समीक्षा के लिए एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जीएमवीएन के महाप्रबंधक, रोपवे प्रबंधक दीपक डिमरी और गढ़वाल मंडल के मुख्य स्की प्रशिक्षक कमल किशोर डिमरी भी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। पर्यटन विभाग का मानना है कि इन आयोजनों से न केवल औली की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। कुल मिलाकर, बर्फ की चादर ओढ़े औली इस सर्दी में खेल, रोमांच और पर्यटन का बड़ा केंद्र बनने को तैयार है।