सात विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं को बल..
चौखुटिया, डीडीहाट सहित अस्पतालों में तैनाती..
उत्तराखंड: राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत एक अहम कदम उठाया गया है। यू कोट वी पे मॉडल के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को सात नए विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें विभिन्न सामुदायिक और उप जिला अस्पतालों में तैनात किया गया है। इस पहल से लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों के अस्पतालों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया, डीडीहाट, बीरोंखाल तथा उप जिला चिकित्सालय गैरसैंण में नियुक्त किया गया है।
इन अस्पतालों में अब मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और बेहतर उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उन्हें जिला या बड़े शहरों की ओर रेफर किए जाने की परेशानी से भी निजात मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यू कोट वी पे मॉडल के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से न केवल चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाएं और जटिल रोगों के इलाज में भी तेजी आएगी। इससे अस्पतालों पर बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। बता दे कि पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। ऐसे में इस मॉडल के तहत सात विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन और तैनाती स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में इसी मॉडल के तहत और अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
इनमें एनेस्थेटिस्ट व पीडियाट्रिशियन के 2-2, गायनी के तीन विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल है। विभागीय अनुबंध के तहत चयनित इन विशेषज्ञ चिकित्सकों को विभिन्न जनपदों की चिकित्सा इकाईयों में तैनाती दे दी गई है। डॉ.. आर. हेमचन्द्रन (एनेस्थेटिस्ट), डॉ. देविका खत्री (ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी) व डॉ. अनंत गुप्ता (पीडियाट्रिशियन) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया, अल्मोड़ा में तैनाती दी गई है। इसी प्रकार डॉ. विशाल प्रताप सिंह (एनेस्थेटिस्ट) व डॉ. शिल्पा भानुदास (ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी) को उप जिला अस्पताल गैरसैण, चमोली, डॉ. ममता थपलियाल (ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल, पौड़ी व डॉ. किशन सिंह महर (पीडियाट्रिशियन) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट, पिथौरागढ़ में तैनाती दी गई है।
नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से संबंधित अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अब मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ, पर्वतीय और सीमांत इलाकों में रहने वाले नागरिकों को भी विशेषज्ञ स्तर की चिकित्सा सेवाओं के लिए बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और इसी क्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों को यू कोट वी पे मॉडल के तहत आकर्षक मानदेय दिया जाएगा। इन चिकित्सकों को न्यूनतम 2.89 लाख रुपये और अधिकतम 3.50 लाख रुपये तक मासिक मानदेय प्रदान किया जाएगा, ताकि योग्य और अनुभवी विशेषज्ञों को दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा, आपातकालीन और जटिल मामलों का समय पर इलाज संभव हो सकेगा और मरीजों को अनावश्यक रेफरल से भी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और जरूरी कदम बताया है।स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी इसी मॉडल के तहत और अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।