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उत्तराखंड

अब पुरुष स्वयं सहायता समूहों को भी मिलेगा बिना ब्याज का लोन..

अब पुरुष स्वयं सहायता समूहों को भी मिलेगा बिना ब्याज का लोन..

उत्तराखंड: राज्य में सिर्फ महिला स्वयं सहायता समूह ही नहीं, बल्कि सभी स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख का बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। भ्रष्टाचार के मामले की पुष्टि होने पर अफसर, कर्मचारी सीधे बर्खास्त होंगे। जीएमएस रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित ऋण वितरण समारोह में किसानों को बिना ब्याज का एक लाख और पांच लाख का बिना ब्याज का ऋण दिया गया।

इस मौके पर सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि बिना ब्याज का पांच लाख का ऋण सिर्फ महिला स्वयं सहायता समूह ही नहीं बल्कि पुरुष स्वयं सहायता समूह भी ले सकेंगे। कहा कि भाजपा सरकार में सहकारिता के भ्रष्टाचार पर जड़ से प्रहार किया गया।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऋण वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आएगी, तो भ्रष्ट अफसर कर्मचारी बर्खास्त होंगे। जिले के एआर और महाप्रबंधक दोषी माने जाएंगे।

 

 

उन्होंने कहा कि विभागीय मिलीभगत से लोन मुनीकीरेती बैंक से एक करोड़ का लोन लिया जाता है। संपत्ति भिलंगना की गिरवी रखी जाती है। जिसकी प्रति कीमत दस हजार रुपये भी नहीं है।

पूर्व में एक संपत्ति पर दो जगह से लोन लिए गए। सख्ती के चलते ये फर्जीवाड़े अब बंद हो गए हैं। इस भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए सहकारी समितियों को शत प्रतिशत कम्प्यूटराइज्ड किया जा रहा है।

कहा कि बिना ब्याज का ऋण देकर किसानों, प्रवासियों, बेरोजगारों को आत्म निर्भर बनाया जा रहा है। बदरीनाथ में महिला स्वयं सहायता समूह ने दो करोड़ का कारोबार कर 40 लाख का लाभ कमाया। राज्य में 29 हजार महिला स्वयं सहायता समूह हैं।

 

 

कार्यक्रम में सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि ऋण चेहरा देख कर न दिए जाएं। बल्कि गरीबों, जरूरतमंदों को लाभ मिले। कार्यक्रम में 15 समूह को 49.50 लाख का ऋण दिया गया।किसानों को ऋण देने के मामले में टिहरी जिला अव्वल बना हुआ है। एक साल में 445 लोगों को नौ करोड़ का ऋण बांटा जा चुका है। डीसीबी टिहरी अध्यक्ष सुभाष रमोला ने कहा कि पहले लोग ऋण लेने को बैंकों के चक्कर काटते थे। आज बैंक ऋण देने गांव गांव जा रहे हैं। अब ऋण देने के लिए सिफारिश, रिश्वत की जरूरत नहीं होती। पौने चार साल पहले तक लोग सहकारिता का मतलब भी नहीं जानते थे। अब घर घर सहकारिता को पहुंचा दिया गया है।

4.38 लाख लोगों को बांटा 2300 करोड़ का ऋण

रजिस्ट्रार बीएम मिश्रा ने कहा कि सहकारिता विभाग अभी तक 4.38 लाख लोगों को 2300 करोड़ का ऋण बांट चुका है। सात हजार लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाया जा रहा है। संयुक्त सहकारी खेती पर काम हो रहा है। मंडुवा जैसी फसल का किसानों को बेहतर दाम मिल रहा है।

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